केंद्रीय प्रशासनिक अभिकरण की जयपुर बेंच ने राज्य सरकार को 1982 बैच की आरएएस अफसर गीता सिंह देव को आठ सप्ताह में आईएएस बनाने का आदेश दिया है। छह सप्ताह में रिव्यू डीपीसी करने और दो सप्ताह में अधिसूचना जारी करने के लिए यह समय दिया गया है। कैट के आदेश की प्रति केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय दिल्ली, चेयरमैन लोक सेवा आयोग और सचिव कार्मिक विभाग को भेजी गई है। इस आदेश में किसी प्रकार का विलंब न करने के लिए भी कहा गया है क्योंकि, गीता सिंह देव अगस्त 2018 में रिटायर हो जाएंगी।
दरअसल विभिन्न कारणों से गीता सिंह देव की एसीआर 2005 से लेकर 2015 तक लंबित रही। सरकार ने उन्हें अनफिट घोषित किया, जिससे उनका साल दर साल आईएएस प्रमोशन टलता गया। बाद में ओवरएज होने पर उन्हें दौड़ से बाहर कर दिया गया। इसे लेकर गीता सिंह देव ने कैट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर सुनवाई करते हुए कैट ने उक्त फैसला दिया है। इस पूरे मामले में गीता सिंह देव ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संघ लोक सेवा आयोग को पक्षकार बनाया था। कार्मिक विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि कैट का फैसला मिल चुका है, लेकिन अब सरकार को तय करना है कि इसकी अनुपालना की जाए या फिर उच्च बेंच में अपील की जाए। गौरतलब है कि गीता सिंह देव पूर्व मुख्यसचिव ओपी मीणा की प|ी है। ओपी मीणा और गीता सिंह देव का विवाद कई बार सार्वजनिक हो चुका है।