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एटीएम हैकिंग की 1 हजार से ज्यादा वारदात का आरोपी भिवाड़ी से पकड़ा

3 वर्ष पहले
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भिवाड़ी में अन्नपूर्णा वैन के चालक करौली निवासी दानसिंह मीणा ने 27 फरवरी को एटीएम हैक कर रुपए निकाल लिए जाने का मामला दर्ज कराया था। उसने बताया कि बस स्टैंड स्थित एटीएम पर रकम नहीं निकली तो वहां खड़े दो युवकों ने मदद के नाम पर उसका एटीएम कार्ड लिया। फिर भी पैसे नहीं निकले तो वह लौट आया। कुछ देर बाद 20 हजार रुपए निकल जाने का मैसेज आया। इसके बाद से पुलिस गैंग को तलाश रही थी।

राजस्थान के अलावा पश्चिम बंगाल और नागालैंड भी बनाए शिकार

भास्कर न्यूज | भिवाड़ी (अलवर)

राजस्थान सहित 7 से अधिक राज्यों में एटीएम हैक कर एक हजार से ज्यादा वारदात करने वाले शातिर बदमाश को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। करीब 8 साल से वारदात कर रहे 26 साल के आरोपी युवक को यह तक याद नहीं कि कितनी वारदातें कर चुका है। वह बीसीए द्वितीय वर्ष का छात्र है और पढ़ाई के दौरान ही एटीएम हैक करने के तरीके सीखे। फिर अपने दोस्तों के साथ गैंग बनाई और उन्हें भी ट्रिक सिखाई। पूछताछ में पता चला है कि गैंग ने नगालैंड, पश्चिम बंगाल तक ठगी की। वे हवाई जहाज से वारदात करने आते-जाते थे। एटीएम हैक करने के अलावा एटीएम कार्ड बदलकर भी ठगी करते थे। सीओ सिद्घांत शर्मा ने बताया कि गैंग के सरगना शकील अहमद (26) निवासी मालुका थाना बहीन जिला पलवल हरियाणा को भिवाडी के समीप ग्वालदा मोड़ से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से स्विफ्ट डिजायर बरामद की है। इसे वारदात में इस्तेमाल करते थे। उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।

बीसीए में एटीएम हैकिंग सीखी, दोस्तों को भी सिखाई, 8 साल में कई राज्यों में ठगी, फ्लाइट से आते-जाते थे वारदात करने

... और जिस मामले ने पुलिस को अंतरराज्यीय गैंग तक पहुंचाया

महंगे होटलों में रुकते गैंग के सदस्य, ताकि शक न हो

गैंग के कुछ सदस्य रैकी करते हैं।

एटीएम से ठगी रकम से महंगे होटलों में रुकते हैं। लाइफ स्टाइल ऐसी कि कोई उन पर शक न कर सके।

कई बार वारदात के लिए गैंग के सदस्यों के साथ हवाई यात्रा भी की।

हर माह अलग-अलग राज्यों में 8-10 वारदात।

सतर्क रहें! जानें कैसे करते थे ठगी

सुनसान व बिना गार्ड वाले एटीएम पर निशााना।

पहले गैंग का एक सदस्य एटीएम में घुसकर एटीएम हैक करता। जब कोई रुपए निकालने आता तो पहले से ही मौजूद गैंग का सदस्य पिन नंबर देख लेता था।

एटीएम खराब होने और अपने भी रुपए नहीं निकलने की बात कह बाहर निकल जाता।

तुरंत बाद गैंग का दूसरा सदस्य एटीएम से रुपए निकाल लेता। मदद के नाम पर एटीएम कार्ड बदलकर भी गैंग ने कई लोगों से ठगी की।

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