जोधपुर | पाक विस्थापितों को लॉन्ग टर्म वीजा और नागरिकता दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने के अारोपी गृह मंत्रालय के सीनियर सेक्रेट्रेड असिस्टेंट (एसएसए) पीके मिश्रा सहित चारों आरोपियों की रिमांड अवधि बढ़ा दी गई है। आरोपी मिश्रा सहित स्थानीय दलाल अशोक, गोविंद व भगवानाराम को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां चारों आरोपियों की रिमांड अवधि 24 मई तक बढ़ाई। एसीबी ने चारों आरोपियों को सेशन न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जज के समक्ष पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड अवधि बढ़ाने का आग्रह किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
एसीबी के लोक अभियोजक एनके सांखला ने कोर्ट में बताया कि आरोपियों के पास से पाक विस्थापितों के पासपोर्ट सहित कई दस्तावेज मिले हैं। इनसे अभी पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज बरामद करने हैं।
साथ ही इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में भी जानकारी जुटानी है। कोर्ट ने एसीबी के लोक अभियोजक के तर्क के बाद चारों आरोपियों की रिमांड अवधि 24 मई तक बढ़ा दी। इधर मामले में आरोपी गृह विभाग के सेक्शन ऑफिसर कुंदनलाल की गिरफ्तारी के एसीबी प्रयास कर रही है। एसीबी की जोधपुर शहर चौकी इस मामले की पड़ताल में जुटी हुई है। मामले का खुलासा होने के बाद एसीबी टीम शहर के बाहरी इलाकों में पाक विस्थापितों के ठिकानों पर घूम रही है। इन दलालों के चंगुल में फंसे पीड़ितों के बयान दर्ज कर रही है।
दलाल की फोटो कॉपी की दुकान से वीजा संबंधी खाली फाॅर्म मिले
पाक विस्थापितों की वीजा अवधि व लॉन्ग टर्म वीजा बढ़ाने के बदले वसूली करने के आरोपियों से नए खुलासे हो रहे हैं। एसीबी टीम ने कोर्ट परिसर स्थित दलाल गोविंद की दुकान से विभिन्न तरह के खाली फाॅर्म बरामद किए हैं। इनमें लाॅन्ग टर्म वीजा, स्थाई नागरिकता के आवेदन सहित कई तरह के फाॅर्म हैं। दलाल इन फाॅर्म से भरवाने के दौरान ही पाक हिंदू विस्थापितों को अपने जाल में फांस लेते थे। इसके बाद जब उनकी प्रक्रिया रुक जाती थी, तब प्रत्येक आवेदन के सरकारी फीस समेत पांच से सात हजार रुपए वसूले जाते थे।