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रोहट क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल संकट, जोधपुर से ग्रामीण एक हजार रुपए में मंगवा रहे पानी के टैंकर

3 वर्ष पहले
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रोहट.सांवलता कलां में पानी आने के साथ ही टांके पर लग जाती है भीड़।

खारा पानी पी रहे

सांवलता कलां, आंटण में तालाबों का पानी खारा होने से पेयजल आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ रहा है। आपूर्ति कभी तीन दिनों से कभी चार दिनों से अपर्याप्त होने से ग्रामीणों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण मवेशियों के लिए जोधपुर जिले के गांवों से टैंकरों से पानी लाकर मवेशियों के लिए अवालों में भरते हैं। -मिश्रीलाल मेघवाल, सरपंच,ग्राम पंचायत, सांवलता कलां

अपने स्तर पर टैंकर मंगवा रहे

पिपलिया की ढाणी में सात दिनों में एक बार पेयजल आपूर्ति होती है। तालाब में थोड़ा बहुत पानी कीचड़ के साथ खारा होने से पशु पक्षी भी नहीं पीते। ग्रामीणों को खुद के साथ मवेशियों के लिए भी पेयजल व्यवस्था के लिए भटकना पड़ रहा है। लोग अपने स्तर पर टैंकरों से पानी लाकर मवेशियों के लिए अवालों में भरवाते हैं। -प्रदीप, ग्रामीण, पिपलिया की ढाणी

रोहट.पिपलिया की ढाणी में जीएलआर से पानी निकालते ग्रामीण।

दो-चार दिनों में सुचारू करवा देंगे

रोहट क्षेत्र में मवेशियों की संख्या अधिक है। अधिकतर गांवों के तालाबों का पानी खारा होने से तथा वर्तमान में गर्मी के कारण पेयजल डिमांड भी बढ़ गई है। आंटण में कल आपूर्ति दी थी। सांवलता कलां में भी आपूर्ति शुरू कर देंगे। विश्नोइयों की ढाणी में भी आपूर्ति कर दी जाएगी। पिपलिया की ढाणी के निकट बावड़ी पर पम्प लगाकर पाइप बिछाकर पेयजल आपूर्ति दो-चार दिनों में ही शुरू कर देंगे। विश्नोइयों की ढाणी पाती में मौका देखकर यदि पानी नहीं जा रहा है तो पाइपलाइन से जोड़कर आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। भाकरीवाला में जलदाय विभाग के खर्चे पर दो माह तक यदि कोई कुआं आदि है तो मवेशियों के लिए व्यवस्था करवा दी जाएगी। -कानसिंह राणावत, एईएन, जलदाय विभाग, रोहट

पिपलिया की ढाणी तालाब में थोड़ा पानी, वह भी गंदा

निकटवर्ती पिपलिया की ढाणी में भी पेयजल किल्लत से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तालाब में बचा थोड़ा बहुत पानी कीचड़ से भरा होने के साथ खारा हो जाने से मवेशी भी नहीं पीते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सात दिनों में एक बार पानी आता है। मवेशियों के लिए ग्रामीण अपने स्तर पर तीन-चार किमी दूर एक बावड़ी में से टैंकर से पानी लाकर व्यवस्था कर रहे हैं। जलदाय विभाग द्वारा कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। निकटवर्ती भाकरीवाला में भी ग्रामीणों को तालाब में पानी नहीं होने से आपूर्ति अपर्याप्त होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां मवेशियों के लिए सरपंच कनाराम मेघवाल ने कुएं पर मोटर लगाकर एक नाडी में खुद के खर्चे से पानी डालकर मवेशियों के लिए व्यवस्था की जा रही है।

दस दिनों से नहीं आया पानी

विश्नोइयों की ढाणी में तीन जीएलआर बने हुए हैं। गत दस दिनों से पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। अधिकारियों को फोन करने पर आपूर्ति करने की बात कहते हैं। इसके बाद फोन भी नहीं उठाते हैं। मवेशियों के लिए ग्रामीण अपने स्तर पर टैंकरों से पानी मंगवाकर अवालों में भरते हैं। -अशोक विश्नोई, ग्रामीण, विश्नोइयों की ढाणी, सांवलता कलां

विश्नोइयों की ढाणी -जीएलआर में पांच वर्ष से पानी नहीं आया

विश्नोइयों की ढाणी पाती में विद्यालय के निकट स्थित जीएलआर में गत चार-पांच वर्ष से पानी नहीं आ रहा है। यहां पानी बांकली बांध के निकट कुएं से आपूर्ति होता था। किंतु बंद होने के बाद वापस नहीं आया। अधिकारियों को कहने के बाद संपर्क पर शिकायत भी की गई। किंतु समाधान आज तक नहीं हुआ। गर्मी में पेयजल किल्लत होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -भजनलाल, विश्नोइयों की ढाणी, पाती

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