पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 13 दिन में 5 गुना ज्यादा नोट निकले, 10 राज्यों में एटीएम खाली; अब छपाई तेज

13 दिन में 5 गुना ज्यादा नोट निकले, 10 राज्यों में एटीएम खाली; अब छपाई तेज

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
एटीएम पर इस तरह की सूचनाएं लगी हुई दिखाई दे रही हैं।

 राहुल गांधी का ट्वीट

नोटबंदी से चार दिन पहले 4 नवंबर 2016 को 17.74 लाख करोड़ के नोट सर्कुलेशन में थे। अभी 18.04 लाख करोड़ के नोट सर्कुलेशन में हैं।

कैश की कमी पर ग्राउंड रिपोर्ट | पेज 14 पर

समझो अब नोटबंदी का फरेब आपका पैसा नीरव मोदी की जेब

मोदीजी की क्या ‘माल्या’ माया नोटबंदी का आतंक दोबारा छाया

देश के ATM सब फिर से खाली बैंकों की क्या हालत कर डाली...

वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं

क्या हुआ जनवरी से ही नकदी की मांग ज्यादातर राज्यों में दोगुनी हो गई थी

देश में हर माह 19 से 20 हजार करोड़ रु. नकदी की मांग रहती है। पर जनवरी से मांग दोगुनी हो गई। जनवरी से मार्च में हर माह 40 से 45 हजार करोड़ रु. सप्लाई किए गए। इससे स्टॉक कम हुआ। सामान्यत: 3 लाख करोड़ के बदले अभी 1.75 लाख करोड़ का स्टॉक है। अप्रैल में शुरू के 13 दिन में 45 हजार करोड़ रु. की डिमांड रही। यानी रोज 3,461 करोड़ रु. निकले।

और आगे क्या 3 से 4 दिन में सुधार के आसार

आरबीआई का कहना है कि उसके पास पर्याप्त नकदी है। लॉजिस्टिक कारणों से कुछ राज्यों में एटीएम में नकदी भरने और कैलिब्रेशन की प्रक्रिया जारी रहने से दिक्कतें हैं। फिर भी सभी चार नोट प्रेसों में छपाई तेज कर दी गई है।

और ये अंदेशा: संदेह है कि दो हजार के नोटों की जमाखोरी हो रही है। निपटने के लिए 500 के नोटों की छपाई 5 गुना बढ़ाई जाएगी।

5 स्तरों पर सफाई; वित्तमंत्री समेत दो मंत्री, एक अफसर, मंत्रालय और आरबीआई ने कहा- जल्द सुधरेंगे हालात...

मंगलवार को सरकार ने पांच स्तरों पर सफाई दी। वित्त मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि सरकार के पास पैसे की दिक्कत नहीं है। वित्त राज्य मंत्री और आर्थिक मामलों के सचिव ने मीडिया से बात की। वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक की ओर से बयान जारी किए गए। कहा गया कि राज्यों और आरबीआई में कमेटी बनाकर राज्यों के बीच करेंसी का असंतुलन जल्द खत्म किया जाएगा।

देवास से लाइव : नोटबंदी के बाद दूसरी बार तीसरी शिफ्ट शुरू | पढ़ें पेज 6

देवास| 18 अप्रैल से देवास बैंक नोट प्रेस में 24 घंटे मशीनें चलाई जाएंगी। इसके लिए 9 घंटे की तीसरी शिफ्ट शुरू कर दी गई है। नोटबंदी के बाद दूसरा मौका है जब 24 घंटे मशीनें चलेंगी। जनवरी में चोरी कांड के बाद उत्पादन 50 लाख नोट प्रतिदिन रह गया है। नोटबंदी के बाद यह 150 लाख तक गया था। तीसरी शिफ्ट शुरू होने से 10 लाख तक पहुंच सकता है।

क्यों हुआ 2000 के नोट की छपाई बंद होना और शादी का सीजन बड़ी वजह

18 लाख करोड़ की नकदी चलन में है। इनमें 6.7 लाख करोड़ रु. दो हजार के नोटों में हैं। लोगों से ये नोट वापस नहीं आ रहे। इनकी छपाई भी बंद है। 2000 के नोट एटीएम में डालने पर 60 लाख रु. तक आते हैं। पर छोटी करेंसी 15 से 20 लाख रुपए तक के ही आते हैं। सिर्फ 30% एटीएम 200 के नोटों के लिए कैलिब्रेटेड हैं। और इस बीच शादी का सीजन जारी है।

खबरें और भी हैं...