पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • एसटी एससी एक्ट में तुरंत गिरफ्तार न करने का आदेश वापस, सुप्रीम कोर्ट में पक्षकार भी बनेगी सरकार

एसटी-एससी एक्ट में तुरंत गिरफ्तार न करने का आदेश वापस, सुप्रीम कोर्ट में पक्षकार भी बनेगी सरकार

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पीएचक्यू के आदेश पर सीएम ने जताई थी नाराजगी

क्राइम रिपोर्टर | जयपुर

सरकार से चर्चा किए बगैर पुलिस मुख्यालय की ओर से एसटी-एससी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना करने के निर्देश जारी करना महंगा पड़ गया। सर्कुलर जारी होने के 25 दिन बाद जब मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को मंगलवार को चित्तौड़गढ़ में पता चला तो पुलिस मुख्यालय ने आनन-फानन में सर्कुलर वापस ले लिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार भी इस मामले में पक्षकार बने। उधर, मुख्यमंत्री ने कहा है कि अधिकारी स्तर पर सर्कुलर जारी कर दिया गया था। एसटी-एससी के फैसले पर भारत सरकार ने एक रिव्यू पिटिशन फाइल कर रखी है। इसका राज्य सरकार समर्थन कर रही है। दरअसल 23 मार्च को एसटी-एससी एक्ट के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की पालना करने के लिए एडीजी सिविल राइट्स एमएल लाठर ने सभी जिला एसपी, डीसीपी, रेंज आईजी और पुलिस कमिश्नर को सर्कुलर जारी किया था।

इसके तहत सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना की जानी थी और एसटी-एससी के केस में तुरंत गिरफ्तारी और बिना प्राथमिक जांच किए मामला दर्ज नहीं करने जैसी बातें शामिल थी। शेष | पेज 6



गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में विभिन्न संगठनों ने पहले 2 अप्रैल को भारत बंद किया था। इसके बाद कोर्ट के फैसले के समर्थन में सोशल मीडिया पर चल रहे मैसेज वायरल होने के बाद 10 अप्रैल को भारत बंद हुआ था।

मुख्यमंत्री राजे को मंगलवार को चित्तौड़गढ़ में इसका पता चला तो उन्होंने नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने सुबह 9.18 बजे गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया, 9.25 बजे डीजीपी ओपी गल्होत्रा, 9.30 बजे सीएस एनसी गोयल और फिर 9.35 बजे के करीब राजेन्द्र राठौड़ से फोन पर बात की। उन्होंने इसे वापस लेने के आदेश दिए। इसके बाद डीजीपी ओपी गल्होत्रा ने पुलिस मुख्यालय में बैठक बुलाई और सर्कुलर वापस ले लिया गया। दोपहर बाद पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी नए सर्कुलर में कहा गया है कि पुलिस फिर से सीधे बिना किसी प्राथमिक जांच के एससी-एसटी एक्ट में एफआईआर दर्ज कर सकेगी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में विभिन्न संगठनों ने पहले 2 अप्रैल को भारत बंद किया था। बंद के दौरान तोड़फोड़, आगजनी, मारपीट व फायरिंग की घटनाएं हुई थी। इसके बाद कोर्ट के फैसले के समर्थन में सोशल मीडिया पर चल रहे मैसेज वायरल होने के बाद 10 अप्रैल को भारत बंद हुआ था।

पायलट बोले- कांग्रेस के दबाव में वापस लिया सर्कुलर

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस के दबाव में पुलिस की ओर से जारी किए गए परिपत्र को वापस लेना पड़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता एक बार फिर उजागर हुई है। कांग्रेस ने जब विरोध किया तो सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा है।

खबरें और भी हैं...