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कोकजे बने विहिप के नए अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष, तोगड़िया ने विहिप छोड़ी

3 वर्ष पहले
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नई दिल्ली | करीब तीन दशक से विश्व हिंदू परिषद (विहिप) में हिंदुत्व का उग्र चेहरा रहे डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने शनिवार को संगठन से नाता तोड़ लिया। अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए शनिवार को हुए चुनाव में हिमाचल के पूर्व राज्यपाल और राजस्थान हाईकोर्ट में जज रहे विष्णु सदाशिव कोकजे जीते। विहिप के 54 साल के इतिहास में पहली बार वोटिंग से अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। शेष | पेज 7



उन्होंने तोगड़िया समर्थित राघव रेड्‌डी को हराया। नतीजे आते ही तोगड़िया ने कहा कि अब वह विहिप में नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार और खासतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई मौकों पर निंदा के चलते तोगड़िया से आरएसएस और भाजपा का शीर्ष नेतृत्व नाराज था। काफी समय से उनकी संगठन से विदाई की अटकलें लगाई जा रही थीं।





सूत्रों का दावा है कि विहिप से तोगड़िया का प्रभाव खत्म करने के लिए ही चुनाव करवाया गया था।

सहमति नहीं बनने के चलते करवाया मतदान
तोगड़िया समर्थक और विरोधी धड़ों के बीच नए अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पर सहमति नहीं बनने के चलते चुनाव करवाना पड़ा। गुड़गांव में शनिवार सुबह 11.00 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हुआ। राष्ट्रीय कार्यकारिणी से जुड़े 192 सदस्यों ने वोट डाले। दोपहर 1.00 बजे मतदान खत्म होते ही मतगणना हुई। कोकजे को 131 और प्रतिद्वंद्वी रेड्‌डी को 60 वोट मिले। एक वोट रद्द हो गया। जीत की घोषणा होते ही डाॅ. तोगड़िया बाहर चले गए।

राजस्थान हाईकोर्ट में जज रहे हैं कोकजे
विहिप के नए अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव काेकजे का जन्म 6 सितंबर, 1939 को मप्र के इंदौर में हुआ था। 1964 में उन्होंने वकालत शुरू की। 1990 से 2001 तक वह राजस्थान और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जज भी रहे। इसके बाद 2003 से 2008 तक हिमाचल प्रदेश में राज्यपाल का दायित्व निभाया। वह भारत विकास परिषद के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।



सदाशिव कोकजे

करोड़ों हिंदुओं का अपमान, अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठूंगा : तोगड़िया

तोगड़िया ने कहा कि 100 करोड़ हिंदुओं की आवाज दबाई गई है। मैं विहिप में 32 साल से था। हर समय हिंदुओं की आवाज को उठाया। आगे भी हिंदुओं, किसानों, युवाओं, मजदूरों की आवाज उठाता रहूंगा।’ उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल से अहमदाबाद में अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठूंगा।

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