6 साल की उम्र में दोनों हाथ कट गए थे, अब देश के लिए खेलेंगे आमिर
आमिर ने बताया, ‘मेरे घर पर आरा मशीन थी। मैं जब छह-सात साल का था तो अचानक मेरा जैकेट अारा मशीन में फंस गया। हादसे के बाद मेरे दोनों हाथ काटने पड़े। जिंदगी असहाय लगने लगी। इस बीच भारत के मैच देखकर मुझे भी क्रिकेट खेलने का जुनून सवार हुआ। मैं बेलचा को बैट बनाकर दादी से गेंदबाजी कराता। फिर मुझे गांव के ही दिव्यांग टीम में शामिल कर लिया गया। यहीं से मेरा क्रिकेट सफर शुरू हुआ। कुछ साल बाद ही मैं जम्मू-कश्मीर का कप्तान बन गया और अब भारतीय टीम में हूं।