शहर के तेल फैक्ट्री क्षेत्र स्थित निजी गार्डन में चल रही भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार को माखन चोरी सहित कई प्रसंगों का वर्णन किया गया। इस दौरान गुरुमां ध्यानमूर्ति महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण को क्रांतिकारी दूत कहते हुए माखन चोरी की लीला को अधिकारों की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस से ग्वाल बालों के अधिकाराें के लिए लड़ाई लड़ी। यह मात्र माखन चोरी की लीला नहीं थी, बल्कि राक्षसों से गोवंश के ग्वाल बालों के अधिकारों को वापस लेने की लीला थी। इस दौरान गोवर्धन पूजा में गोयल परिवार ने छप्पन भोग समर्पित करके भगवान की आराधना की। कलश यात्रा के साथ भागवत कथा शुरू: वहीं दूसरी ओर समीपवर्ती लेवा गांव स्थित श्रीजती हनुमान महाराज मंदिर परिसर में संगीतमय भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व श्रीचतुर्भुज भगवान के मंदिर से कलश निकाली गई। जो मुख्य मार्गों से होती हुई कथा स्थल पहुंची। कथा के प्रथम दिन कथावाचक पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री ने कहा कि जहां पर भी भागवत कथा होती है, वहां का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। इसलिए जब भी भागवत कथा सुनने का अवसर मिले, जरूर सुनना चाहिए। कथा के मुख्य यजमान सूरजमल मीणा, रामकिशन मीणा, सुरेश मीणा, रामरतन ने भागवत कथा की आरती उतारी व पूजन किया। कृष्ण जन्मोत्सव में गाए बधाई गीतों पर झूमे श्रद्धालु : देवरी. कस्बे के देवधाम सिद्धपीठ हनुमान मंदिर परिसर के सत्संग भवन में चल रही भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इसकी तैयारी के लिए पंडाल को पुष्प व गुब्बारों से सजाया गया। जन्मोत्सव के समय बालस्वरूप श्रीकृष्ण को झूले में झुलाकर कथा मंच से गाए बधाई गीत नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की.., पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। कथा वाचक आचार्य बालेंद्र शास्त्री ने ईश्वर के सभी अवतारों का वर्णन करते हुए कहा कि धर्म की स्थापना व अधर्म का नाश करने के लिए ईश्वर ने कई अवतार लेकर जनमानस को अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। कृष्ण जन्मोत्सव के समय कथा के मुख्य यजमान मुरारीलाल धाकड़ वासुदेवन बने।
सीसवाली. कस्बे के मॉडर्न चिल्ड्रन स्कूल में चल रही भागवत कथा में पांचवें दिन पंडित नवल किशोर शर्मा ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए माखन चोर लीला, माटी लीला, चीरहरण लीला, कालियानाग लीला आदि प्रसंग सुनाए। इस दौरान छप्पन भोग लगाया गया। कथा के बीच में महिलाओं ने भजनों पर नृत्य किया। वहीं गोवर्धन की झांकी सजाकर पूजा की गई।
कस्बाथाना. कस्बे में चल रही भागवत कथा में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया।
बारां. भागवत कथा में हांडी फोड़ते बाल ग्वाल।
भास्कर न्यूज | बारां
शहर के तेल फैक्ट्री क्षेत्र स्थित निजी गार्डन में चल रही भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार को माखन चोरी सहित कई प्रसंगों का वर्णन किया गया। इस दौरान गुरुमां ध्यानमूर्ति महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण को क्रांतिकारी दूत कहते हुए माखन चोरी की लीला को अधिकारों की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस से ग्वाल बालों के अधिकाराें के लिए लड़ाई लड़ी। यह मात्र माखन चोरी की लीला नहीं थी, बल्कि राक्षसों से गोवंश के ग्वाल बालों के अधिकारों को वापस लेने की लीला थी। इस दौरान गोवर्धन पूजा में गोयल परिवार ने छप्पन भोग समर्पित करके भगवान की आराधना की। कलश यात्रा के साथ भागवत कथा शुरू: वहीं दूसरी ओर समीपवर्ती लेवा गांव स्थित श्रीजती हनुमान महाराज मंदिर परिसर में संगीतमय भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व श्रीचतुर्भुज भगवान के मंदिर से कलश निकाली गई। जो मुख्य मार्गों से होती हुई कथा स्थल पहुंची। कथा के प्रथम दिन कथावाचक पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री ने कहा कि जहां पर भी भागवत कथा होती है, वहां का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। इसलिए जब भी भागवत कथा सुनने का अवसर मिले, जरूर सुनना चाहिए। कथा के मुख्य यजमान सूरजमल मीणा, रामकिशन मीणा, सुरेश मीणा, रामरतन ने भागवत कथा की आरती उतारी व पूजन किया। कृष्ण जन्मोत्सव में गाए बधाई गीतों पर झूमे श्रद्धालु : देवरी. कस्बे के देवधाम सिद्धपीठ हनुमान मंदिर परिसर के सत्संग भवन में चल रही भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इसकी तैयारी के लिए पंडाल को पुष्प व गुब्बारों से सजाया गया। जन्मोत्सव के समय बालस्वरूप श्रीकृष्ण को झूले में झुलाकर कथा मंच से गाए बधाई गीत नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की.., पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। कथा वाचक आचार्य बालेंद्र शास्त्री ने ईश्वर के सभी अवतारों का वर्णन करते हुए कहा कि धर्म की स्थापना व अधर्म का नाश करने के लिए ईश्वर ने कई अवतार लेकर जनमानस को अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। कृष्ण जन्मोत्सव के समय कथा के मुख्य यजमान मुरारीलाल धाकड़ वासुदेवन बने।
सीसवाली. कस्बे के मॉडर्न चिल्ड्रन स्कूल में चल रही भागवत कथा में पांचवें दिन पंडित नवल किशोर शर्मा ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए माखन चोर लीला, माटी लीला, चीरहरण लीला, कालियानाग लीला आदि प्रसंग सुनाए। इस दौरान छप्पन भोग लगाया गया। कथा के बीच में महिलाओं ने भजनों पर नृत्य किया। वहीं गोवर्धन की झांकी सजाकर पूजा की गई।
सीताबाड़ी मेले में रात दो बजे तक चली भजन संध्या
केलवाड़ा| आदिवासियों के लघुकुंभ सीताबाड़ी मेला रंगमंच पर शनिवार रात को कोटा के म्यूजिकल ग्रुप ने राजस्थानी भजनों की प्रस्तुति देकर समां बांधा। रंगमंच पर अंता पालिका पार्षद, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र वैष्णव की ओर से आयोजित भजन संध्या में मुख्य अतिथि एसडीएम संतोष कुमार मीणा, मेलाध्यक्ष सरपंच गायत्री सहरिया थे। विशिष्ट अतिथि नायब तहसीलदार रामचरण मीणा, थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह जादौन, दीपक सोनी, सरपंच अध्यक्ष रामकिशन मेहता, सरपंच कमल राठौर, मुरारी परिहार, सोनू शर्मा, मदनमोहन शिवहरे थे। कार्यक्रम की शुरुआत रात 10 बजे हुई। जिसमें गायक कलाकार भवानी राव ने राजस्थानी भजनों की प्रस्तुति दी। वहीं सीताबाड़ी संगीत साधना परिवार के कलाकार रविकांत सोनी ने भी प्रस्तुति दी। कॉमेडियन बबलू अंगारा ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। आर्केस्ट्रा पार्टी में म्यूजीशियन कालू, रोहित, कुशाल सहित अन्य कलाकार शामिल थे। कार्यक्रम में वार्ड पंच राहुल सोनी, मनोज शर्मा, केवल राठौर, मनीष शर्मा, श्यामलाल, विनोद चंदेल, राजू सोनी सहित कई लोग मौजूद थे। सीताबाड़ी मेले के रंगमंच पर सोमवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। जिसमें अंता से कवि देवेंद्र वैष्णव, सूरत से सोनल जैन, कोटा से संजय शुक्ला, दिल्ली से श्यामा अरोड़ा, झालावाड़ से राजेश लोटपोट, बूंदी से हेमंत नागर, कोटा से राजेंद्र गौड़ एवं खिलचीपुर से फैजान हिंदुस्तानी काव्यपाठ करेंगे।
शाहाबाद. कस्बे में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान कथावाचक पंडित बृजमोहन शास्त्री ने भजन सुनाए। इस पर श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर नृत्य किया। कथा वाचक शास्त्री ने प्रहलाद चरित्र, समुद्र मंथन, भगवान वामन चरित्र, राम जन्म आदि प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि भक्त प्रहलाद ने पिता हिरण्यकश्यप को धर्म का मार्ग बताया, लेकिन हिरण्यकश्यप ने मृत्यु के पल में ही भूल स्वीकारी। भागवत कथा से सही रास्ते पर चलने की शिक्षा मिलती है। भगवान तभी मिलते हैं जब आत्मा स्वरूप को मन, कर्म और वचन से पूजा का संतुलन कर, साधना कर हासिल कर लेता है। भक्त ध्रुव ने मात्र 6 माह में भगवान को पा लिया था। इस गंगा रूपी भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए।
कस्बाथाना. कस्बे में चल रही भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्माेत्सव मनाया गया। पंडित हरिओम भार्गव ने बताया कि जब पृथ्वी पर पाप और अनाचार बढ़ जाता है तो भगवान का जन्म होता है। अधर्म पर धर्म की विजय होती है। जो मनुष्य भक्तिभाव से भगवान की शरण में जाता है, भगवान उसके सभी कष्टों का निवारण करते हैं। इस दौरान आतिशबाजी कर जन्मोत्सव मनाया गया। वहीं श्रीराम के चरित्र का वर्णन करते हुए श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई। इस दौरान गाए भजनों पर श्रद्धालु महिलाओं ने नृत्य किया।
छबड़ा. क्षेत्र के निपानिया स्थित कटारमल मंदिर पर चल रही भागवत कथा का रविवार को समापन हुआ। प्रवक्ता रितेश शर्मा ने बताया कि पंडित शिवनारायण शर्मा ने एक सप्ताह से भागवत कथा का वाचन किया। भागवत कथा का समापन के मौके पर बड़ी संख्या में कस्बे सहित आसपास के गांव के श्रद्धालुओं ने कथा का आनंद लिया। समापन के बाद प्रसादी वितरित की गई।
सीसवाली. कस्बे में चल रही भागवत कथा में भाव विभोर होकर नृत्य करती श्रद्धालु महिलाएं।
केलवाड़ा. प्रस्तुति देते कलाकार।
केलवाड़ा| आदिवासियों के लघुकुंभ सीताबाड़ी मेला रंगमंच पर शनिवार रात को कोटा के म्यूजिकल ग्रुप ने राजस्थानी भजनों की प्रस्तुति देकर समां बांधा। रंगमंच पर अंता पालिका पार्षद, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र वैष्णव की ओर से आयोजित भजन संध्या में मुख्य अतिथि एसडीएम संतोष कुमार मीणा, मेलाध्यक्ष सरपंच गायत्री सहरिया थे। विशिष्ट अतिथि नायब तहसीलदार रामचरण मीणा, थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह जादौन, दीपक सोनी, सरपंच अध्यक्ष रामकिशन मेहता, सरपंच कमल राठौर, मुरारी परिहार, सोनू शर्मा, मदनमोहन शिवहरे थे। कार्यक्रम की शुरुआत रात 10 बजे हुई। जिसमें गायक कलाकार भवानी राव ने राजस्थानी भजनों की प्रस्तुति दी। वहीं सीताबाड़ी संगीत साधना परिवार के कलाकार रविकांत सोनी ने भी प्रस्तुति दी। कॉमेडियन बबलू अंगारा ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। आर्केस्ट्रा पार्टी में म्यूजीशियन कालू, रोहित, कुशाल सहित अन्य कलाकार शामिल थे। कार्यक्रम में वार्ड पंच राहुल सोनी, मनोज शर्मा, केवल राठौर, मनीष शर्मा, श्यामलाल, विनोद चंदेल, राजू सोनी सहित कई लोग मौजूद थे। सीताबाड़ी मेले के रंगमंच पर सोमवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। जिसमें अंता से कवि देवेंद्र वैष्णव, सूरत से सोनल जैन, कोटा से संजय शुक्ला, दिल्ली से श्यामा अरोड़ा, झालावाड़ से राजेश लोटपोट, बूंदी से हेमंत नागर, कोटा से राजेंद्र गौड़ एवं खिलचीपुर से फैजान हिंदुस्तानी काव्यपाठ करेंगे।
शाहाबाद. कस्बे में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान कथावाचक पंडित बृजमोहन शास्त्री ने भजन सुनाए। इस पर श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर नृत्य किया। कथा वाचक शास्त्री ने प्रहलाद चरित्र, समुद्र मंथन, भगवान वामन चरित्र, राम जन्म आदि प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि भक्त प्रहलाद ने पिता हिरण्यकश्यप को धर्म का मार्ग बताया, लेकिन हिरण्यकश्यप ने मृत्यु के पल में ही भूल स्वीकारी। भागवत कथा से सही रास्ते पर चलने की शिक्षा मिलती है। भगवान तभी मिलते हैं जब आत्मा स्वरूप को मन, कर्म और वचन से पूजा का संतुलन कर, साधना कर हासिल कर लेता है। भक्त ध्रुव ने मात्र 6 माह में भगवान को पा लिया था। इस गंगा रूपी भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए।
कस्बाथाना. कस्बे में चल रही भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्माेत्सव मनाया गया। पंडित हरिओम भार्गव ने बताया कि जब पृथ्वी पर पाप और अनाचार बढ़ जाता है तो भगवान का जन्म होता है। अधर्म पर धर्म की विजय होती है। जो मनुष्य भक्तिभाव से भगवान की शरण में जाता है, भगवान उसके सभी कष्टों का निवारण करते हैं। इस दौरान आतिशबाजी कर जन्मोत्सव मनाया गया। वहीं श्रीराम के चरित्र का वर्णन करते हुए श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई। इस दौरान गाए भजनों पर श्रद्धालु महिलाओं ने नृत्य किया।
छबड़ा. क्षेत्र के निपानिया स्थित कटारमल मंदिर पर चल रही भागवत कथा का रविवार को समापन हुआ। प्रवक्ता रितेश शर्मा ने बताया कि पंडित शिवनारायण शर्मा ने एक सप्ताह से भागवत कथा का वाचन किया। भागवत कथा का समापन के मौके पर बड़ी संख्या में कस्बे सहित आसपास के गांव के श्रद्धालुओं ने कथा का आनंद लिया। समापन के बाद प्रसादी वितरित की गई।
शाहाबाद. कस्बे में चल रही कथा में उपस्थित श्रद्धालु।