बारां| राजस्थान प्राइवेट एज्युकेशन एसोसिएशन महासंघ का प्रदेश अधिवेशन सार्वजनिक धर्मशाला में हुआ। देर शाम तक चले अधिवेशन में प्राइवेट स्कूलों के संचालन में सरकार, शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबंधित आ रही समस्याओं पर चर्चा की गई। प्रदेश प्रभारी प्रमोद शर्मा व जिलाध्यक्ष राकेश सोनी ने बताया कि मुख्य अतिथि प्रदेशाध्यक्ष कैलाशचंद शर्मा थे। अध्यक्षता अध्यक्ष राजस्थान कर्मचारी एवं मजदूर महासंघ के महेश व्यास ने की।
अतिविशिष्ट अतिथि शक्ति सिंह गौड़, हेमेंद्र बाटोरिया, वयोवृद्ध स्कूल संचालक विष्णु वर्मा, संजय शर्मा, ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र मीणा थे। अधिवेशन में कैलाशचंद शर्मा ने संचालकों की ओर से उठाई समस्याओं के निवारण का प्रयास किया। अधिवेशन में तकरीबन 350 से अधिक निजी स्कूल संचालकों ने भाग लिया।
महेश व्यास ने बताया कि किसी भी कार्य को करवाने में अध्यक्ष के साथ जुड़ना जरूरी है। समस्या का समाधान बातों से नहीं, एकता दिखाने पर ही होता है। पूर्व जिलाध्यक्ष पदम अग्रवाल ने कहा कि सबसे ज्यादा निजी स्कूल वालों को डीईओ कार्यालय द्वारा परेशान किया जाता है। प्रदेश प्रभारी प्रमोद शर्मा ने पांचवीं बोर्ड की धांधली, आरटीई के पुनर्भरण की राशि की तिथि तय करने की मांग की।
अंत में वयोवृद्ध स्कूल संचालक विष्णु वर्मा ने भी संबोधित किया। इस दौरान प्रद्युम्न वर्मा ने संचालन किया।
बारां. शहर में आयोजित राजस्थान प्राइवेट एज्युकेशन एसोसिएशन महासंघ के प्रांतीय अधिवेशन में मंचासीन अतिथि।