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लहसुन बेचने के लिए अंतिम दिन केंद्रों पर उमड़ी भीड़, किसानों का प्रदर्शन

3 वर्ष पहले
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जिले में लहसुन की बंपर पैदावार होने के बाद भी बाजार में किसान को लहसुन के अच्छे भाव नहीं मिल रहे हैं। किसानों को जिले में समर्थन मूल्य पर लहसुन की खरीद होने से अच्छे भाव मिलने की उम्मीद जगी थी। तिथि नहीं बढ़ने से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले हजारों किसान अभी भी लहसुन का बेचान करने से वंचित रह गए। राज्य सरकार की ओर से भी 12 मई को तिथि बढ़ाते हुए 18 मई कर दिया था। इससे कई वंचित किसान फिर से खरीद केंद्र पर लहसुन लेकर आए।

अब फिर से तिथि नहीं बढ़ने से मैसेज कराने वाले वंचित किसानों को लहसुन को खरीद केंद्र पर बेचने की चिंता सता रही है। इसको लेकर शुक्रवार को लहसुन की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों ने खरीद केंद्र पर व्यवस्थापक के सामने विरोध जताते हुए तिथि को 30 जून तक बढ़ाने की मांग की। इस दौरान किसानों का कहना था कि बाजार में खुले में किसानों को उपज की लागत भी नहीं मिल रही है। समर्थन मूल्य पर तिथि नहीं बढ़ने से जिन किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। उनका भी लहसुन अब तक तुल नहीं पाया है। ऐसे में सरकार को 30 जून तक तिथि बढ़ाकर किसानों को राहत देना चाहिए। राजफैड के माध्यम से खरीद 30 जून तक कर दी जाए, तो अब तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले सभी किसान सरकारी खरीद केंद्र पर आसानी से लहसुन का बेचान कर सकेंगे।

जिले में राजफैड की ओर से पांच स्थानों पर चल रहे खरीद केंद्र पर 17 मई तक 20 हजार 164 क्विंटल लहसुन की खरीद हुई है। जिलों को सभी पांच खरीद केंद्रों पर 44 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला है। अब तक जिले में 4 हजार से अधिक किसान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, लेकिन अब तक महज 546 किसानों के लहसुन की तुलाई हो पाई है। इसमें अंता में 96 किसानों से 3614 क्विंटल, बारां में 219 किसानों से 7989, अटरू में 18 किसानों से 659.50 क्विंटल, छबड़ा में 40 किसानों से 1517.50 क्विंटल व छीपाबड़ौद में 147 किसानों से 6324 क्विंटल लहसुन की खरीद हो पाई है।

रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों का लहसुन तो खरीदे सरकार

17 अप्रैल को ही लहसुन को लेकर रजिस्ट्रेशन करवा दिया था। अब तक मैसेज नहीं आने व तिथि नहीं बढ़ने से आगे लहसुन को सरकारी खरीद केंद्र पर लहसुन बिकेगा या नहीं इसको लेकर ही चिंता सता रही है। -शिवनारायण सेतलखेड़ी

लहसुन खरीद के नाम पर सरकार की ओर से किसानों के साथ छलावा किया जा रहा है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों का लहसुन भी नहीं खरीदा जा रहा है। बार-बार तिथि बढ़ाई जा रहा है। अगर सरकार की ओर से एक बार ही घोषणा कर दे कि जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ है उनकी खरीद की जाएगी, तो किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। -रघुवीर दयाल, भटेड़िया

लहसुन की खरीद सीमा सरकार को बढ़ाना होगा। अगर सरकार की ओर से तिथि नहीं बढ़ाई जाती है, तो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों का लहसुन आसानी के साथ खरीद केंद्र पर बिक जाएगा। उन्हें खुले में में सस्ते दाम पर उपज को नहीं बेचना पड़ेगा। किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। -राधेश्याम, बोरदा चौकी

जिले में 5 स्थानों पर लहसुन की खरीद

राजफैड के माध्यम से जिले में 5 स्थानों पर लहसुन की खरीद की जा रही है। अभी तक लहसुन की तिथि बढ़ाने को लेकर उच्च स्तर से आदेश नहीं आए है। शुक्रवार को नेफैड व सरकार के बीच वार्ता चल रही है। अगर तिथि को आगे बढ़ाया जाता है, तो राजफैड के माध्यम से जिले में लहसुन की खरीद को आगे भी जारी रखा जाएगा। -सौमित्र मंगल, क्रय-विक्रय समिति, बारां

मुख्यमंत्री-विधायक को ज्ञापन

अटरू. सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर लहसुन की खरीद की जा रही है। इसकी क्वालिटी नियमों में बदलाव करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया है। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष ओम धाकड़ ने मुख्यमंत्री के नाम क्षेत्रीय विधायक रामपाल मेघवाल को दिए गए ज्ञापन में बताया कि समर्थन मूल्य पर सरकार की ओर से लहसुन खरीदा जा रहा है। इसकी क्वालिटी नियमों में बदलाव किया जाए और किसानों से पूरा लहसुन खरीदा जाए। इससे बिगड़ी हुई किसानों की अर्थव्यवस्था में राहत मिलेगी और कर्ज से मुक्त होने क्योंकि क्षेत्र के किसान अधिकतर लहसुन की खेती पर ही निर्भर है और लहसुन खरीदने में पारदर्शिता के साथ किसानों की 3 सदस्य समिति का भी गठन करें, जो खरीद एजेंसी के कर्मचारियों के साथ नापास करने में किसानों का सहयोग करें। जिससे किसानों के साथ कर्मचारी भेदभाव नहीं कर सके। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया कि क्रय विक्रय सहकारी के कर्मचारी अपनी मनमानी चलाकर किसानों के लहसुन को नापास कर देते हैं। बिना क्वालिटी के लहसुन को पास कर देते हैं। ऐसे में इस प्रकार के कई किसान पीड़ित हैं और इस मामले को लेकर विधायक मेघवाल को भी अवगत करा चुके हैं। ज्ञापन के माध्यम से विधायक मेघवाल सरकार से वार्ता कर इन मुद्दों पर सुधार करवाया जाए।

किसानों ने कहा-जिनका रजिस्ट्रेशन, उनका भी माल नहीं तुला

बारां. कृषि उपजमंडी स्थित लहसुन खरीद केंद्र पर लहसुन लेकर पहुंचे किसान।

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