बटावदा में श्रीमद्भागवतकथा का समापन
बारां| बटावदा स्थित मंशापूर्ण हनुमान मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का समापन शुक्रवार को हवन व भंडारे के साथ हुआ। कथा के सातवें दिन कथावाचक पं. मुकुटबिहारी शास्त्री ने सुदामा चरित्र सुनाया। उन्होंने कहा कि मित्रता में कोई छोटा बड़ा नहीं होता, मित्रता धन, पद से नहीं होती, मित्रता तो सच्चे प्रेम, समर्पण भाव की पराकाष्ठा होती है। इस दौरान कृष्ण-सुदामा की झांकी भी सजाई गई।