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रैफरल केस में बिजी हो रही 108 एंबुलेंस, घायलों की जान पर संकट

3 वर्ष पहले
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जिला मुख्यालय से संचालित 108 एंबुलेंस जिला अस्पताल के रैफरल केसों में व्यस्त हो रही है। इसके चलते दुर्घटना के मामलों में घायलों की जान पर संकट बढ़ रहा है।

रविवार को बारां-झालावाड़ मेगा हाइवे पर समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर गंभीर घायल की मौके पर ही मृत्यु हो गई। स्थिति यह है कि इमरजेंसी 108 की एंबुलेंस को पेट दर्द से लेकर बुखार के मरीजों को कोटा रैफर करने में उपयोग किया जा रहा है। पिछले करीब 30 दिनों में बारां 108 एंबुलेंस से 55 और अंता 108 एंबुलेंस 6 मरीज के रैफर केस बारां से कोटा भेजे गए हैं।

30 मिनट से लेकर डेढ़ घंटे की होती है देरी

जिला मुख्यालय की इमरजेंसी 108 एंबुलेंस बारां से कोटा रैफर में व्यस्त होने पर कॉल को दूसरी जगह रैफर कर एंबुलेंस मंगाई जाती है। ऐसे में किशनगंज, अंता, अटरू, बपावर, मांगरोल से एंबुलेंस आती है। इसमें 30 मिनट से लेकर एक घंटे तक की देरी हो जाती है। तब तक घायल दूसरे वाहन से रवाना हो जाते हैं। वहीं गंभीर घायल के मामले में मौके पर मृत्यु तक हो जाती है।

40 मामलों में घायलों को उठानी पड़ी परेशानी

बारां. 108 एंबुलैंस व्यस्त रहने से परेशानी आ रही है।

जिला मुख्यालय से नेशनल हाइवे-27, नेशनल हाइवे-90, बारां-झालावाड़ मेगा हाइवे, मांगरोल रोड सहित प्रमुख सड़कों पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। लोग ऐसी स्थिति में इमरजेंसी 108 एंबुलेंस सेवा पर ही निर्भर है। ऐसे में एंबुलेंस के देरी से पहुंचने पर घायलों की जान पर बन आती है।

देरी से घायलों को नुकसान

रैफरल कार्ड पर हस्ताक्षर तक नहीं होते

इमरजेंसी एंबुलेंस प्रभारी के अनुसार जिला अस्पताल से रैफर किए जा रहे बुखार, पेट दर्द आिद के केस में कई रैफरल कार्डों पर डॉक्टर के हस्ताक्षर तक नहीं होते हैं। केस को ले जाने से मना करने पर लड़ाई झगड़े की नौबत बनती है। कई केसों को बिना डॉक्टर के हस्ताक्षर के रैफर किया जा रहा है। इससे भी समस्या बढ़ रही है।

बारां से संचालित इमरजेंसी 108 एंबुलेंस बारां से कोटा रैफर केस में ही व्यस्त रहती है। पिछले 30 दिनों में बारां की एंबुलेंस से 55 और अंता की एंबुलेंस से 6 सहित कुल 61 केस रैफर किए गए हैं। रैफर केस में व्यस्त रहने से दुर्घटना होने पर समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंच पा रही है। मामले को लेकर अधिकारियों को अवगत करवाया है। -विशाल कुमार झा, जिला प्रभारी, इमरजेंसी 108 एंबुलेंस

ऐसे बढ़ रही है परेशानी

इमरजेंसी 108 एंबुलेंस से रविवार को दोपहर 2.20 बजे करवरीखुर्द निवासी संदीप बुखार के मामले में कोटा रैफर किया गया। वहीं इस दौरान कलमंडा के पास दुर्घटना में रामलाल मेघवाल दुर्घटना में गंभीर घायल होने की सूचना की गई। किशनगंज से 108 एंबुलेंस को मौके पर रवाना किया, इस दौरान युवक की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

केस-1

मरीज सुनील को पेट दर्द होने 13 अप्रैल को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। यहां पेट दर्द में आराम नहीं आने पर 14 अप्रैल को इमरजेंसी 108 एंबुलेंस से कोटा रैफर कर दिया। कोटा पहुंचने पर अस्पताल में डॉक्टर ने भर्ती किए बिना सिर्फ दवाइयां लिखी। (108 एंबुलेंस स्टाफ के अनुसार)

केस-2

अभी हाल ही में कार्यभार ग्रहण किया गया है। रैफरल के मामले में कोई दिक्कत आ रही है, तो जानकारी कर उसे दूर किया जाएगा। साथ ही रैफरल कार्ड पर कोई डॉक्टर हस्ताक्षर नहीं करता है, तो उन्हें पाबंद करेंगे। -डॉ. एसके मालव, पीएमओ, जिला अस्पताल

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