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छात्र को पानी में खींच ले गया मगरमच्छ, साथी ने गांव आकर बताया...पांच घंटे बाद मिला शव

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | बारां-अटरू/कवाई

मोठपुर थानाक्षेत्र के अचरांवा गांव में मंगलवार सुबह परवन नदी के समीप शौच के लिए गए किशोर को मगरमच्छ पानी में खींचकर ले गया। घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीणों, प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की ओर से किशोर की तलाश की गई। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों की मदद से प्रशासन को शव बरामद करने में सफलता मिल सकी।

मोठपुर थानाधिकारी दलपत सिंह ने बताया कि अचरांवा निवासी जुगलकिशोर के पुत्र अमन (11)और अंकित (9) कक्षा 6 में पढ़ते हैं। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पेपर खत्म होने के बाद घर वापस लौट रहे थे। तभी अमन शौच के लिए परवन नदी के किनारे पहुंच गया। शौच करने के बाद अमन जैसे ही नदी के पास गया, तो मगरमच्छ उसे पानी में खींचकर ले गया। अंकित यह नजारा देखकर रोता हुआ घर पर पहुंचा। उसने परिजनों और ग्रामीणों को पूरी घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने पुलिस को घटनाक्रम से अवगत करवाया। इस पर पुलिस और ग्रामीण किशाेर की तलाश में जुट गए। नदी के आसपास स्थित गांवों में भी ग्रामीणों ने किशोर की तलाश की।

नदी पार बड़ाैदिया के ग्रामीण भी नाव लेकर नदी में किशोर की तलाश कर रहे थे। बड़ौदिया के ग्रामीणों व पुलिस को किशोर के साथ मगरमच्छ दिखाई दिया, मगरमच्छ को भगाकर किशोर को कब्जे में लिया गया, तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। मगरमच्छ किशोर का एक पैर खा चुका था। मौके पर ही पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। एसडीएम जब्बर सिंह ने मृतक के परिजनों को राज्य सरकार के मदद का हरसंभव भरोसा दिलाया है। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग के एसीएफ दीपक गुप्ता सहित वनकर्मी भी मौके पर पहुंच गए थे।

प्रशासन ने शाम 4 बजे नदी पार बड़ौदिया गांव के पास बरामद किया

सकतपुर. अचरावां गांव के पास परवन नदी में मगरमच्छ के हमले में शिकार किशोर की तलाश करते लोग।

परवन किनारे बढ़ते हादसे; मगरमच्छ पहले भी कर चुका है हमले

ग्रामीणों के अनुसार परवन नदी के आसपास के गांवों में मगरमच्छ के हमलों के मामले होते रहते हैं। परवन नदी के एनीकट पर 2016 में 16 मई को मोटकुंआ निवासी वृद्ध ताराचंद सुमन पर हमला कर दिया था। इस दौरान ग्रामीणों के पहुंचने पर मगरमच्छ पर लाठियों, पत्थर से हमला कर भगाया, इसमें ताराचंद घायल हो गया था। इसके बाद 21 मई को कराड़ियागुल्जी निवासी लालचंद बैरवा पर नहाते समय मगरमच्छ ने हमला किया था, जिससे लालचंद की मृत्यु हो गई थी। वहीं, वन विभाग के सूत्रों के अनुसार आमतौर पर मगरमच्छ इंसान पर हमला नहीं करता है। गर्मी के सीजन में नदी का जलस्तर कम होने से मगरमच्छ आदि जलीय जीवों का दायरा कम हो जाता है। नदी में मछलियाें की कमी होने से भी मगरमच्छ इंसान पर हमला कर सकता है। परवन नदी में मगरमच्छ विचरण करते हैं, ऐसे में नदी के पास जाने वाले लोगों से एहतियात बरतने की अपील की जाती है।

बोर्ड नहीं लगाने पर नाराजगी

क्षेत्र में परवन नदी में पिछले हमलों के दौरान लोगों की आवाजाही वाले स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इस मामले में कोई कदम नहीं उठाए गए। इसको लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग के प्रति रोष प्रकट किया। एसडीएम सिंह ने बताया कि परवन नदी के किनारे लोगों की आवाजाही के स्थलों पर चेतावनी बोर्ड नहीं लगे हैं। वन विभाग अधिकारियों को एेसे स्थलों को चिंहित कर बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुआवजे का भरोसा

एसडीएम जब्बर सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों ने मुआवजा और सफाई कार्मिक की नियुक्ति देने की मांग को लेकर पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इस पर परिजनों से समझाइश की गई कि और सफाईकर्मी की नियुक्ति के लिए अनुशंसा करने की बात कही। साथ ही वन विभाग की ओर से मुआवजा, शिक्षा विभाग और मुख्यमंत्री सहायता कोष से मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया गया है। इस पर परिजन पोस्टमार्टम कराने को राजी हुए। मुआवजे को लेकर कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

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