शिव-पार्वती विवाह मंचन में झूमे श्रद्धालु
बारां. समीपवर्ती काजीखेड़ा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सजाई गई शिव-पार्वती विवाह की झांकी।
बारां| कलेक्ट्रेट के पास ग्राम काजीखेड़ा में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शिव-पार्वती विवाह की मनोहर झांकी सजाई गई। कथा में मंगलवार को भोलेनाथ की आई बारात, सखियों नाचो री भजन पर श्रोता झूम उठे। पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा श्रवण का मौका भाग्य वालों को ही मिलता है। भागवत में बताए गए शब्दों को जीवन में उतारने से जीवन सार्थक हो जाता है। नम्रता, शीलता संपूर्ण गुणों की आधारशिला है। हम चाहें कितने भी ज्ञानी हों, धनी, उच्च पद पर आसीन, पढ़े-लिखे, कलाकार, शिल्पकार हों, लेकिन जब तक नम्रता का अभाव है। तब तक हम शून्य हैं। अहम दूर होते ही जीवन के सारे भ्रम मिट जाते हैं। भागवत कथा के मुख्य यजमान अशोक मीणा ने बताया कि कथा में दिनों दिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है।