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36 हजार किसानों की 130 करोड़ कर्ज माफी सरकारी सिस्टम में फंसी, एक माह और लगेगा

3 वर्ष पहले
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मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस साल के बजट में किसानों का कर्ज माफ करने की बड़ी घोषणा की थी। बजट घोषणा के तहत 50 हजार रुपए तक का अल्पकालीन फसली ऋण माफ किया जाना था।

इस योजना में जिले के 36 हजार किसानों का 130 करोड़ का कर्ज माफ होना था। यह घोषणा अभी तक कागजी ही साबित हुई है। 3 महीने इंतजार करने के बाद जिले के 18 हजार किसानों ने अपना 90 करोड़ का ऋण चुकाकर वापस ऋण भी ले लिया है। इनकी 364 दिन की मियाद पूरी हो चुकी थी। इसलिए ब्याज से बचने के लिए लोन चुका दिया।

वहीं सरकारी विभाग अभी कागज तैयार करने में ही लगे हैं। मुख्यमंत्री राजे ने 12 फरवरी को अपने आखिरी बजट में किसानों को लुभाने के लिए बड़ी घोषणाएं की थी। इसमें कर्जमाफी की घोषणा भी शामिल थी। इसके तहत 30 सितंबर 2017 तक लोन लेने वाले किसानों को फायदा मिलना था। सहकारी समिति के प्रबंधक संजय पाठक ने बताया कि जिन किसानों ने 364 दिन पूरे होने पर लोन चुका दिया है, उन्हें भी कर्जमाफी का लाभ मिलेगा। किसानों का कहना है कि उन्हें सरकार पर भरोसा नहीं है। अभी सरकार की ओर से कर्ज माफ होता, तो किसानों को इससे खरीफ सीजन की फसल बुवाई में आर्थिक मदद मिलती। लीडिंग बैंक अधिकारी बनवारीलाल मीणा ने बताया कि जिले में विभिन्न बैंकों के माध्यम से 1 लाख 59 हजार 113 किसानों पर 2342 करोड़ रुपए का ऋण है।

बजट घोषणा में मुख्यमंत्री ने तीन माह पहले की थी घोषणा, अभी सूची को ही दिया अंतिम रूप, अधिकारी बोले- अभी किसानों के कर्जमाफी को लग सकता है एक माह का समय, कर्ज को लेकर किसानों की बढ़ रही परेशानी

इधर, मंडी में भी राहत नहीं, िजंसों का कम मिल रहा भाव

बारां. जिले में किसानों पर 23 सौ करोड़ से अधिक कर्जा है, लेकिन सरकार की घोषणा में किसानों का महज 130 करोड़ का कर्जा माफ किया गया है।

1.59 किसानों पर कर्ज 2342 करोड़, माफ होंगे 130 करोड़

जिले में विभिन्न बैंकों के माध्यम से केसीसी व अन्य मद से ऋण लेने वाले जिले के 1 लाख 59 हजार 113 किसान हैं, लेकिन इनमें से सहकारी समिति के माध्यम से ऋण लेने वाले 36 हजार किसानों का ही करीब 130 करोड़ का ऋण माफ होगा। इसके चलते जिन किसानों का ऋण माफ नहीं होगा, वह अपने आपको ठगा सा महसूस कर सरकार को कोस रहे हैं। अन्य किसानोंं का कहना है कि सरकार को ऋण माफ करना ही है, तो किसी भी बैंक से ऋण लिया हो, कर्ज तो कर्ज ही होता है। ऐसे में सरकार को सभी किसानों के कर्ज को माफ करना चाहिए।

अजीब हालात: लोन चुकाने नुकसान झेलकर बेच रहे फसलें

जिले में किसानों को लहसुन, सरसों व चने की बंपर पैदावार होने के बावजूद किसान को खुले में अच्छा भाव नहीं मिल रहा। कांटों पर विभिन्न प्रकार की परेशानी के साथ किस्म की मार के चलते किसानों को घाटा खाकर उपज बेचकर बैंकों का ऋण अदा करना पड़ रहा है। इसके चलते किसान को आर्थिक रूप से परेशानी के साथ आए दिन बैंक अधिकारियों के किसानों के घरों के चक्कर काटने से भी परेशान हैं।

पोर्टल पर अपलोड की जानकारी, अगले माह से मिलेंगे प्रमाण पत्र

सहकारी समिति के महाप्रबंधक पाठक ने बताया कि जिले में सहकारी समिति के माध्यम से ऋण माफी को लेकर सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से अपलोड किए गए पोर्टल पर सूचना एकत्रित की जा रही है। इसमें जिले में 36 हजार किसानों का करीब 130 करोड़ का कर्ज माफ होगा। इसमें 27 हजार किसान लघु सीमांत हैं, जिनका 50 हजार तक का ऋण माफ होगा व 9 हजार किसान अनुपातिक हैं, जिनका 25 हजार तक का ऋण माफ किया जाएगा। इसके बाद सभी सहकारी समिति कार्यालय पर किसानों को प्रमाण पत्र देकर ऋण माफ करने की औपचारिकता अगले माह से शुरू हो जाएगी।

बजट घोषणा में यह है कर्ज माफी का गणित

जिले में 2 हैक्टेयर वाले किसानों का 50 हजार तक का ऋण माफ करने के लिए सहकारी विभाग की ओर से सूचना भेजी गई है। इसमें करीब 27 हजार किसानों का 100 करोड़ का ऋण माफ होगा। वहीं 9 हजार किसान ऐसे हैं, जिनके पास 4 हैक्टेयर तक भूमि है, उनका भी 25 हजार तक का ऋण माफ किया जाएगा। इसमें अन्य बैंकों को शामिल नहीं कर सहकारी समिति के माध्यम से ऋण लेने वाले काश्तकारों को ही शामिल किया गया है।

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