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लहसुन खरीद केंद्रों पर पहुंचे किसान, निरीक्षक के नहीं आने से करना पड़ेगा दो दिन इंतजार

3 वर्ष पहले
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लहसुन की सरकारी खरीद की तिथि अब 31 मई होने से लहसुन को लेकर मैसेज करा चुके किसानों ने राहत की सांस ली है। मैसेज कराने वाले करीब 4 हजार किसानों में से शेष रहे कुछ किसानों का तो 31 मई तक तुलाई के लिए नंबर आ ही जाएगा। वहीं तारीख बढ़ने से अब उन किसानों को भी चिंता सता रही है, जो रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए थे।

वह किसान अब अन्य के टाेकन के माध्यम से तुलाई कराने की जुगत में लगे हैं। जिले में शनिवार से एक बार फिर से सभी पांच खरीद केंद्रों पर खरीद के राजफेड को आदेश मिल गए हैं, लेकिन शनिवार को जैसे ही सूचना मिलने के बाद किसान खरीद केंद्र पर आए तो यहां पर खरीद नहीं होने से उन्हें निराशा हुई। शनिवार को अटरू क्षेत्र से किसान तुलाई के लिए आ गए थे, लेकिन किस्म निरीक्षक नहीं आने से तुलाई नहीं हो पाई। इसके बाद व्यवस्थापक द्वारा शाम को किसानों को सोमवार तक का इंतजार कर तुलाई करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद जिले के दूरदराज के गांव से आए किसानों को लहसुन की तुलाई के लिए सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा। वहीं इस दौरान कई किसान आगे भी लहसुन को लेकर रजिस्ट्रेशन शुरू होने को लेकर व्यवस्थापक से जानकारी लेते रहे।

चने व लहसुन का होने लगा उठाव, जगह की नहीं रहेगी परेशानी: लंबे समय से सरकारी खरीद केंद्र पर चने व लहसुन का उठाव नहीं होने से खरीद व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। लेकिन शनिवार को मंडी में लहसुन के खरीद केंद्र पर खरीद नहीं होकर दिनभर लहसुन का उठाव किया गया। बारां से सीधे लहसुन को दिल्ली मंडी में भेजा जा रहा है। वहीं सब्जीमंडी में राजफेड के माध्यम से संचालित चने व सरसों के खरीद केंद्र पर भी बारां वेयर हाउस में जगह के अभाव में अब चने को चित्तौड़गढ़ भेजा जा रहा है। इसके लिए राजफेड के माध्यम से शनिवार को 7 से 8 ट्रक चने को चित्तौड़गढ़ भेजा है। वहीं रविवार को भी चने व सरसों का उठाव होने के बाद शनिवार को होने वाली तुलाई को लेकर किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

किस्म निरीक्षक नहीं अाने से दो दिन करना होगा इंतजार: शुक्रवार को लहसुन की खरीद के लिए तिथि बढ़ने के बाद शनिवार को मोठपुर से किसान लहसुन को बेचने के लिए सुबह 10 बजे ही खरीद केंद्र पर आ गए, लेकिन शाम तक खरीद केेंद्र पर किस्म निरीक्षक नहीं आने से अब किसानों को साेमवार तक इंतजार करना पड़ेगा। मोठपुर निवासी किसान महावीर, पुरुषोत्तम व देवकिशन ने बताया कि शनिवार सुबह ही लहसुन खरीदने की तिथि बढ़ने की जानकारी मिली। इसके बाद सुबह ही मोठपुर से किराए से ट्रैक्टर कर बारां आ गए। लेकिन शाम तक किस्म निरीक्षक के नहीं आने पर लहसुन की खरीद नहीं हो सकी। अब लहसुन बेचने के लिए सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा।

शुक्रवार शाम को ही लहसुन की तिथि बढ़ने की सूचना मिली थी। इसके बाद बारां जिले में भी 31 मई तक सभी केंद्रों पर खरीद शुरू करने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन शनिवार व रविवार को भी सूची नहीं अाने से अवकाश रहता है। लेकिन पुरानी सूची वाले किसानों का लहसुन अवकाश के दिन भी खरीद लिया जाता है। लेकिन शनिवार को किस्म निरीक्षक नहीं अाने से कुछ किसान जो केंद्र पर आ गए थे, उनका लहसुन नहीं खरीदा जा सका। इन किसानों को अब सोमवार तक इंतजार करने को कहा गया है। - सोमित्र मंगल, प्रबंधक क्रय-विक्रय सहकारी समिति, बारां

बारां. मंडी स्थित खरीद केंद्र पर लहसुन के कट्‌टे ट्रक में चढ़ाते हम्माल।

कांग्रेस का धरना छठे दिन भी जारी

बारां| सरकार से लहसुन खरीद के मापदंडों में शिथिलता प्रदान करने तथा कृषि जिंसों की समर्थन मूल्य पर की जा रही खरीद में टालमटोल नीति अपनाए जाने एवं खरीद व्यवस्थाओं में परिवर्तन कर किसानों को राहत प्रदान किए जाने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा 14 मई से कृषि उपज मंडी बारां के मुख्यद्वार पर क्रमिक धरना दिया जा रहा है। शनिवार को छठे दिन ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी अटरू के ब्लाॅक अध्यक्ष गिर्राज नागर की अगुवाई में धरना दिया। धरना सह प्रभारी खेमराज सिंह रहलाई ने बताया कि लहसुन, सरसों एवं चने की बंपर पैदावार होने के बावजूद खुले बाजार में अच्छा भाव नहीं मिल रहा है। शनिवार को धरने के दौरान कुंजबिहारी नागर पूर्व जिपस, नगर अध्यक्ष धर्मचंद जैन, सेवादल उपाध्यक्ष राजेन्द्र प्रजापति, रईस भाई, हेमराज सेन, राकेश मीणा, फरमान खान, डाॅ. सिराजुद्दीन खान, डाॅ. सलीम खान, हफीज भाई अंसारी, अफजल खान, अकबरअली, महमूदभाई, हेमराज, मोतीलाल बैरवा, दिनेश मीणा, शिवनारायण , रामप्रसाद गुर्जर, दिनेश नागर भी मौजूद थे। जिला महासचिव कैलाश जैन ने बताया कि 20 मई को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कांग्रेस सेवादल मुख्य संगठन तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा धरने पर बैठकर किसानों को राहत प्रदान किए जाने की सरकार से मांग की जाएगी।

कृषि मंडी में सोमवार से नहीं होगी तोल केंद्र पर लहसुन की खरीद

अंता| कस्बे की कृषि मंडी स्थित लहसुन खरीद केंद्र पर माल का उठाव नहीं होने से सोमवार से लहसुन की खरीद बंद हो जाएगी। क्रय-विक्रय सहकारी समिति के व्यवस्थापक मंडल के अनुसार माल का उठाव नहीं होने से लहसुन की खरीद करने में परेशानी आ रही है। जिसके चलते सोमवार से खरीद केंद्र पर खरीद-फरोख्त नहीं होगी। यहां रखे लहसुन का उठाव होने के बाद ही खरीद शुरू की जाएगी।

व्यवस्थापक समिति की मानें तो वर्तमान में नौ हजार लहसुन के कट्टे खुले में पड़े हुए हैं। जिनके खराब होने का अंदेशा है। समिति की ओर से 12 से 18 मई तक आजादपुर मंडी दिल्ली में लहसुन के चार हजार 360 कट्‌टे भिजवाए गए हैं, लेकिन वहां पर गाड़ियां खाली नहीं हो पा रही हैं। जिसके चलते यूनियन एवं ट्रांसपोर्ट आजादपुर मंडी दिल्ली के लिए लहसुन की गाड़ियां लगाने के लिए तैयार नहीं हैं। इसके चलते खरीद केंद्र पर लहसुन के कट्टों का अंबार लगा हुआ है।

7 मई से शुरू हुई थी खरीद, अभी तक 12631 कट्‌टे लहसुन खरीदा: कृषि मंडी में राजफेड की ओर से लहसुन की सरकारी खरीद के लिए सात मई से सरकारी कांटा शुरू किया गया था, जिसकी निगरानी क्रय-विक्रय सहकारी समिति कर रही है। माल का उठाव नहीं होने से खरीद के 15 दिन बाद ही कांटे को बंद करना पड़ रहा है। अब मंडी में पड़े माल का उठाव होने के बाद ही लहसुन का तुलाई कार्य शुरू होगा।

दिल्ली जा रहा है खरीदा गया लहसुन: कस्बे की कृषि उपज मंडी में खरीदा गया लहसुन दिल्ली की आजादपुर मंडी जा रहा है। यहां पर पूरे प्रदेश का लहसुन पहुंच रहा है। जिसके चलते यहां पर जितने भी ट्रक जा रहे हैं, वह समय पर खाली नहीं हो पा रहे हैं। ट्रक खाली नहीं होने के चलते ट्रक यूनियन की ओर से माल ले जाने के लिए ट्रक लगाना बंद कर दिया है।

लहसुन की खरीद 31 जून तक करे सरकार

छीपाबड़ौद| किसान महापंचायत तहसील कार्यकारिणी की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान ज्ञापन में चने व लहसुन की सरकारी खरीद की समयसीमा 31 जून तक बढ़ाने की मांग, हरनावदाशाहजी गौण मंडी को जल्द शुुरू करने, मंडी अधिनियम 9 की पालना करने, किसान आयोग की रिपोर्ट को लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया। मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने पर 22 मई को एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान ज्ञापन देने वालों में गजेंद्र सिंह, सुरेंद्र यादव, मांगीलाल कुमावत, शोभागमल, नरेंद्र कुमार, भूपत मीणा, लक्ष्मीनारायण कुमावत आदि मौजूद थे।

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