जिला परिषद की साधारण सभा गुरुवार को जिला प्रमुख नंदलाल सुमन की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय के सभागार में हुई। सुबह साढ़े 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक चली बैठक के दौरान जिलेभर से आए जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को पानी, बिजली, सड़क को लेकर अधिकारियों को घेरे रखा। लेकिन अधिकारी जनप्रतिनिधियों के सवालों का जवाब देने की जगह एक-दूसरे अधीनस्थ अधिकारियों की तरफ देखते रहे।
इसके बाद बीच-बीच में कलेक्टर डॉ. एसपी सिंह ने मोर्चा संभालते हुए जनप्रतिनिधियाें काे संतुष्ट कर हरसंभव समाधान का भरोसा दिलाया। किशनगंज विधायक ललित मीणा ने तो यहां तक कह दिया कि अधिकारी जिम्मेदार नहीं हैं, तभी तो जनप्रतिनिधियों को हर बैठक में समस्या बताने के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है। इसको लेकर कलेक्टर ने पीएचईडी, बिजली निगम व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि शर्म नहीं आती, बैठक में अधूरी तैयारी के साथ आते हो। कलेक्टर ने आगे से होने वाली बैठकों में अधिकारियों को पूरे होमवर्क के साथ आने के निर्देश दिए। बैठक में जिला प्रमुख सुमन ने सभी सदस्यों को भरोसा दिलाया कि काम नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपजिला प्रमुख राजकुमार नागर, सीईओ जिला परिषद रामजीवन मीणा, डीएसपी रामेश्वर धारिया आदि मौजूद थे।
जनप्रतिनिधियों के सवालों पर कलेक्टर देते रहे आश्वासन
बारां. जिला परिषद की साधारण सभा में कलेक्टर व जिला प्रमुख से बहस करते अधिकारी।
सड़कों को लेकर अधिकारी व जनप्रतिनिधि आमने-सामने
अंता क्षेत्र के पचेलकलां से धतूरिया के बीच पुरानी पुलिया की बगैर मरम्मत किए भुगतान उठाने का आरोप जिला परिषद सदस्य ओमप्रकाश ने पीडब्ल्यूडी पर लगाया। इसको लेकर कुछ देर तक जिला परिषद सदस्य व एक्सईएन के बीच नोक-झोंक भी हुई। इसके बाद दोनों कहासुनी करते हुए कलेक्टर के पास तक पहुंच गए। बाद में कलेक्टर डॉ. सिंह ने एसई को मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया, तब मामला शांत हुआ। इस दौरान जिला परिषद सदस्य महेंद्र चौधरी, काशीराम मीणा, मनोज चौधरी, पूजा मेहता ने भी सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता की जांच की मांग उठाई। बारां प्रधान ने मांगरोल बाईपास से गोपालपुरा तक पैचवर्क में पीडब्ल्यूडी अफसरों पर लीपापोती का आरोप लगाया। जांच की मांग की।
बेहतरी के लिए सहयोग करें: डॉ. सिंह
कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि बारां जिले को नीति आयोग ने अतिमहत्वाकांक्षी जिले में शामिल किया है। ऐसे में जिले में हम कुछ मामलों में अभी भी पिछड़े हुए हैं। प्रसव होने, मां व बेटे के स्वस्थ होने से लेकर मृत्यु को लेकर भी जानकारी नहीं मिल पाती है। अगर हम नीति आयोग के सामने सभी बिंदुओं पर बेहतर करेंगे तो हमें जिले के विकास के लिए अलग से फंड भी मिलेगा। ऐसे में सभी जनप्रतिनिधि गांवों के विकास पर फोकस कर हर क्षेत्र में हर विभाग के माध्यम से गांव के विकास में अपना पूरा सहयोग दें। इस दौरान उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने विशेष दिन पर आंगनबाड़ी पर जाकर बच्चों के बीच पौष्टिक आहार ले जाकर खिलाने का भी आग्रह किया।
पेयजल: लाखों खर्च, फिर भी दिक्कत
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हैंडपंप मिस्त्री गांवों में हैंडपंप सही करने नहीं जाते हैं। विभाग की ओर से प्रत्येक ब्लॉक में दो-दो वाहन लगाने के बाद भी एक दिन में महज 1 से 2 हैंडपंप ही दुरुस्त हो रहे हैं। छीपाबड़ौद व भंवरगढ़ डांडे पर 20 से 30 लाख की राशि खर्च करने के बाद भी राहत नहीं है। जिला परिषद सदस्य सत्यनारायण भूमल्या ने कहा कि कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं किशनगंज प्रधान सेवाराम मीणा ने कहा कि बरूनी पंचायत में पेयजल योजना के नाम पर विभाग तीन साल से प्रस्ताव तैयार कर रहा है। अब तक प्रस्ताव तैयार नहीं हुआ है। एक्सईएन पीएचईडी व प्रधान मीणा के बीच काफी देर तक तकरार भी हुई। इसके बाद कलेक्टर ने 7 दिन के अंदर प्रस्ताव तैयार करने का भरोसा दिलाया।
लोड सेटिंग के नाम पर घंटों कटौती
जिला परिषद की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बिजली निगम की ओर से लोड सेटिंग के नाम पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में घंटों बिजली की कटौती की जाती है। जिला परिषद सदस्य भूमल्या ने कहा कि पिछले 6 माह से खंडेला फीडर को अलग करने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक इसे अलग नहीं किया गया है। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने जिन किसानों के डिमांड निकल गए हैं, उनको बारिश से पहले पोल देने की मांग भी उठाई, ताकि परेशानी न हो। इस दौरान जिला प्रमुख सुमन ने बिजली निगम के एसई को दो टूक शब्दों में कहा कि जनप्रतिनिधियों की वाजिब मांगों को प्रमुखता से पूरा किया जाना चाहिए।
घोषणा तो की, लेकिन भवन नहीं बना
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने किशनगंज क्षेत्र के रामगढ़ पीएचसी भवन, अटरू क्षेत्र के सकतपुर व अंता क्षेत्र के बालदड़ा गांव में बनने वाले पीएचसी भवन निर्माण को जल्द शुरू कराने की मांग की। जनप्रतिनिधियों ने मौसमी बीमारियों को लेकर भी गांवों मेें गतिविधियां शुरू कराने की मांग की।