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स्कूलों में शिक्षकाें की जुलाई से बाॅयोमैट्रिक से होगी हाजिरी, बच्चों को मिलेगी पूरी शिक्षा

3 वर्ष पहले
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सरकारी स्कूलों से बंक मारने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं है। इसके लिए राज्य सरकार ने स्कूलों में सभी कालांश में उपस्थित रहकर बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से नवाचार करने की योजना बनाई है।

इसके लिए राज्य के सभी राजकीय विद्यालयों में अध्यापकों की हाजिरी बाॅयोमैट्रिक मशीन से करने की कवायद शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग में बड़े फेरबदल के बाद अध्यापकों की उपस्थिति को भी बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इस बाबत सरकार ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। उच्च स्तर पर प्रथम चरण में 3.2 लाख मशीनों का आॅर्डर एचटी इन्फोसिस ग्रुप को दिया गया है।

ऐसे में ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रदेश के सभी स्कूलों के साथ जिले के सरकारी स्कूलों में भी बंक मारने वाले शिक्षकों पर अंकुश लग सकेगा। वह किसी भी बहाने के बीच स्कूल छोड़ेंगे तो बायमैट्रिक मशीन के माध्यम से उन पर सरकार की पूरी निगरानी रहेगी।

ऐसी होगी बायोमैट्रिक मशीन

बंक मारने वाले शिक्षकों पर लग सकेगा अंकुश

बारां. सरकारी स्कूलों में जुलाई माह से शिक्षकों की बायोमैट्रिक मशीन से हािजरी होगी।

इस तरह से काम करेगी बायोमैट्रिक मशीन

राज्य की सभी राप्रावि, राउप्रावि, रामावि, राउमावि में प्रधानाध्यापक कक्ष में बायोमैट्रिक मशीन स्थापित की जाएगी। इसके तहत एक बार विद्यालय में आने के लिए स्विच पर अंगूठा देना होगा। दूसरी बार विद्यालय छुट्टी के बाद जाते समय स्विच दबाना होगा। बाकी आठों कालांशों में आठ बार स्विच दबाकर फिंगर प्रिंट देना होगा। किसी फिंगर प्रिंट विशेष को ही मशीन रीड करेगी। अर्थात एक अध्यापक की हाजिरी दूसरे अध्यापक द्वारा दर्ज नहीं की जा सकेगी।

यह मशीन पूरी तरह से नेट आधारित मैकेनिज्म है। एक मशीन में करीब 265 अध्यापकों की उपस्थिति लेने की क्षमता है। इस मशीन का निर्माण शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हुआ है। इसमें आकस्मिक अवकाश, उपार्जित अवकाश, मेडिकल अवकाश तथा प्रसूति जैसे अवकाशों को समावेशित करने की क्षमता है। हाई टेक्नोलाॅजी द्वारा निर्मित मशीन में लगा सेंसर किसी भी तकनीकी खराबी या छेड़छाड़ को इंगित करेगा। जिसकी सूचना पीईईओ, डीईओ के साथ निदेशालय तक पहुंच सकेगी। यह मशीन एक बार चार्ज होने के बाद 15 दिन तक बैकअप देगी। इसके अलावा इसमें बैटरी भी लगी है। मशीन का रखरखाव उक्त कम्पनी के इंजीनियरों द्वारा वर्ष में तीन बार किया जाएगा।

स्कूलों में शिक्षकों पर लगेगी लगाम

बायोमैट्रिक मशीन से हाजिरी शुरू होने के बाद स्कूलाें से बंक मारने वाले शिक्षकों पर लगाम लगेगी आैर बच्चों को पूरे कालांश पढ़ाई का लाभ मिलेगा। इसके लिए निदेशालय स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। जिले में भी स्कूलों में मशीन लगने के बाद इसका लाभ स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर व पूरी शिक्षा के रूप में मिलेगा। -कन्हैयालाल देदवाल, एडीईओ, माध्यमिक, बारां

मशीन में दर्ज होने के साथ पीईईओ में होगा सर्वर

जैसे ही अध्यापक बायोमैट्रिक मशीन में स्विच दबाएगा, तो उसकी उपस्थिति मशीन में दर्ज होने के साथ पीईईओ के सर्वर पर भी दर्ज हो जाएगी। यही उपस्थिति जिला मुख्यालय पर लगे सर्वर द्वारा भी दर्ज की जाएगी, जो डीईओ कार्यालय में प्रतिस्थापित होगा। माह के अन्तिम दिवस पर पीईईओ को सर्वर द्वारा सभी अध्यापकों की उपस्थिति की हाईकाॅपी निकालनी होगी। जिसे प्रमाणित करके डीईईओ कार्यालय भेजनी होगी। जहां पर दिवस वार उपस्थिति का मिलान किया जाएगा। इसी प्रमाणित हार्डकाॅपी के जरिए पीईईओ द्वारा माह विशेष का वेतन बनाया जाएगा। यदि बायोमैट्रिक द्वारा अध्यापक की उपस्थिति विलंब से दर्ज होती है तो नियमानुसार कार्रवाई द्वारा ही अध्यापकों का वेतन बनाया जा सकेगा।

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