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बेटा और बेटी एक समान, उन्हें संस्कारित बनाएं: ध्यानामूर्ति

3 वर्ष पहले
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बारां | शहर के तेलफैक्ट्री क्षेत्र स्थित निजी गार्डन में चल रही भागवत कथा के छठे दिन सोमवार को सामाजिक वैचारिक संदेश देते हुए गुरु मां ध्यानमूर्तिजी महाराज ने कहा कि समाज में भ्रूण हत्या बहुत बड़ा पाप है। बेटी और बेटा दोनों समान हैं, लेकिन जब पढ़े-लिखे समाज में बहुत सारे घरों में यह बात सचमुच पहुंच गई है कि बेटा और बेटी एक समान है, तो उन घरों में यह भी देखने में आया है कि बेटियों के प्रति जो संस्कारिक नजर है। उसका अभाव हो रहा है। बेटा और बेटी बराबर तो हैं, लेकिन संस्कार अपनी-अपनी जगह है। कथा में बरसाने की लट्ठ मार होली व फूलों की होली का दृष्टांत किया गया। गोयल परिवार ने होली उत्सव में भाग लिया।

वहीं समीपवर्ती लेवा गांव स्थित श्रीहनुमान महाराज मंदिर परिसर में चल रही संगीतमय श्रीमद्‌भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को शिव-पार्वती के विवाह की झांकी सजाई गई। इस दौरान कथावाचक पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री ने कहा कि आधुनिक समय में व्यक्ति संस्कारों से दूर भागता जा रहा है। जबकि संस्कारों से ही जीवन बनता है। इस दौरान ओमप्रकाश गौड़, सूरजमल मीणा ने भागवत पूजन किया। पटेल हेमराज मीणा व नरोत्तम वैष्णव ने आरती उतारी।

शाहाबाद. श्रीमद् भागवत के पांचवें दिन सोमवार को कथावाचक पंडित बृजमोहन शास्त्री ने श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण हमेशा दीन-दुखियों की सेवा की उसी तरह मनुष्य को भी दीन-दुखियों की सेवा करनी चाहिए। श्रीकृष्ण के भजनों पर महिलाआें ने नृत्य किया।

सीसवाली. कस्बे के मॉडर्न चिल्ड्रन स्कूल में चल रही भागवत कथा में पंडित नवलकिशोर शर्मा ने होलिका प्रसंग, होली उत्सव, महारास लीला, गोपी-उद्धव संवाद, गोपी गीत, कंस वध, भक्त प्रह्लाद चरित्र, कृष्ण-रुक्मणि विवाह प्रसंग, रणछोड़ लीला आदि का वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने होली खेली व होली के गीतों पर महिला-पुरुषों ने नृत्य किया।

बामला. काम क्रोध मद मोह लोभ त्याग कर रामकथा का श्रवण करना चाहिए तभी मनुष्य जीवन की सार्थकता है। यह बात कलमंडा में तात्कालिक हनुमान मंदिर परिसर में चल रही राम कथा के दौरान कथा वाचक आनंद शास्त्री ने कही। उन्होंने कथा के दौरान भजन सुनाए।

बारां. सजाई गई झांकी।

बारां. निजी गार्डन में चल रही कथा के दौरान गुरु मां से आशीर्वाद लेते श्रद्धालु।

शाहाबाद. कस्बे में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु महिलाएं।

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