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पंचायतीराज विभाग के अधिकतर कर्मी सोमवार से 3 दिन के सामूहिक अवकाश पर

3 वर्ष पहले
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ग्रामीण विकास व पंचायतीराज विभाग की हठधर्मिता के चलते पूरे राज्य के साथ ही जिले में भी सोमवार से विकास कार्य ठप हो गए हैं। 4 मई से जिले के मनरेगा कार्मिक मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर रहकर धरना दे रहे हैं। दूसरी ओर सोमवार से मंत्रालयिक कर्मचारी भी मनरेगा के कार्मिकों की मांगो को लेकर मनरेगा के संविदाकर्मियों का समर्थन कर रहे हैं। वहीं सोमवार से राजस्थान पंचायती सेवा परिषद के आह्वान पर सोमवार से जिले के बीडीओ, पीईओ व ग्राम विकास अधिकारी भी तीन दिन के सामूहिक अवकाश पर रहकर जयपुर सचिवालय में धरना दे रहे हैं।

सेवा परिषद के बीडीओ दिवाकर मीणा ने बताया कि 24 जून को सेवा परिषद व पंचायतीराज मंत्री राजेंद्र सिंह राठाैड़ के साथ हुई वार्ता के बाद सचिवालय के अधिकारियों ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं तीन साल से वेतन विसंगतियों, प्रमोशन व वेतन वृद्धि को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। हालात यह हो गए हैं कि पंचायत समिति में लेखा सेवा व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों अलावा आमजन के काम करने वाला कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं बचा है। इंजीनियर सेवा समित के पदाधिकारी भी किसी भी समय पर आंदोलन को लेकर रणनीति बनाकर हड़ताल पर जा सकते हैं। इससे जिले में चल रहे न्याय आपके द्वार शिविर में भी बीडीओ, पीईईओ व ग्राम विकास अधिकारी के नहीं पहुंचने से शिविर का भी ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पाएगा। वहीं सरपंच संघ के प्रदेश मंंत्री भानुप्रताप सिंह हाड़ा ने कहा कि पंचायतराज के अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सभी हड़ताल पर चले जाने से पंचायतों का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। ऐसे में सरकार की ओर से जल्द मांगे नहीं मानी गई, तो सरपंच भी पंचायतों में क्या काम करेंगे वह भी हड़ताल पर जाना ही उचित समझेंगे। ऐसे में सरकार को पंचायतों में चल रहे शिविरों को भी स्थगित कर देना चाहिए।

किशनगंज. कस्बे की पंचायत समिति परिसर में धरने पर बैठे मनरेगा संविदाकर्मी।

बारां. सोमवार से पंचायत समिति के बाहर प्याऊ लगाकर लोगों को पानी पिलाया गया।

मनरेगा कार्मिकों का धरना इक्कीसवें दिन भी जारी

छबड़ा| महात्मा गांधी नरेगा संविदा कार्मिक संघ की प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर कलमबंद असहयोग आंदोलन कर रहे मनरेगा संविदा कार्मिक इक्कीसवें दिन भी पंचायत समिति परिसर में स्थित अटल सेवा केन्द्र के सामने धरने पर रहे। संघ के ब्लॉक अध्यक्ष हरिओम भारद्वाज ने बताया कि पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संघ की ओर से संविदा कार्मिकों के पक्ष में मनरेगा कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किये जाने के कारण सोमवार को पंचायत समिति छबड़ा की समस्त ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना का कोई भी कार्य चालू नहीं है। श्रम नियोजन घटकर मात्र 501 रह गया है। धरनास्थल पर उपस्थित हुए पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष मानसिंह मीणा ने आंदोलन में तब तक डटे रहने का आह्वान किया, जब तक सरकार भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने की मांग को लिखित में न मान ले। एमआईएस मैनेजर मयंक तिवारी ने कहा कि सरकार जब तक मांगे नहीं मान लेती तब तक हड़ताल नियमित रूप से जारी रहेगी। धरने पर कनिष्ठ तकनीकी सहायक, लेखा सहायक, डाटा ऐन्ट्री ऑपरेटर, कम्प्यूटर ऑपरेटर, ग्राम रोजगार सहायक सहित समस्त मनरेगा कार्मिक उपस्थित रहे।

मनरेगा कर्मियों ने 21वें दिन भी दिया धरना: किशनगंज. ब्लॉक के मनरेगा संविदा कार्मिक सोमवार को 21वें दिन भी विभिन्न मांगो को लेकर धरने पर बैठे रहे। संघ के अध्यक्ष गजानंद सुमन ने बताया कि 2013 कनिष्ठ लिपिक भर्ती प्रक्रिया समेत मानदेय व अन्य मांगो को लेकर मनरेगा के कार्मिक पिछले 21 दिन से सामूहिक अवकाश पर रहकर धरना दे रहे हैं। सोमवार को मनरेगा कार्मिकों के समर्थन में मंत्रालयिक कर्मचारियों ने भी धरना दिया। इस दाैरान धरने पर गुलाबचदं नागर, नवीन शर्मा, राजाराम चौधरी, प्रकाश गोत्तम, संजय मेघवाल, लोकेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।

छबड़ा. धरने पर बैैठे मनरेगा संविदाकर्मी।

गांधीगिरी:मनरेगा संविदाकर्मियों ने प्याऊ लगाकर पिलाया पानी

बारां| पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय आह्वान के तहत गत 18 मई से आंदोलन के प्रथम चरण में नरेगा से संबंधित कार्यों का बहिष्कार किया था। अब आंदोलन के दूसरे चरण में 21 से 23 मई तक आमजन का सहयोग हासिल करने लिए भीषण गर्मी से राहत पहुंचाने के लिए पंचायत समिति कार्यालय के बाहर प्याऊ लगाकर लोगों को शीतल जल पिलाया। वहीं 22 व 23 मई तक संघ की ओर से आमजन को शीतल पेयजल एवं शरबत पिलाकर सरकार से जायज मांगों को लेकर अपील की जाएगी। इस दौरान गत कई दिनों से आंदोलन कर रहे नरेगा कार्मिक संघ ब्लाॅक बारां का भी सहयोग लिया गया। इस अवसर पर पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संघ की ओर से सरंक्षक सुरेंद्रकुमार सोनी, अध्यक्ष कपिलकुमार नागर, सचिव शेलेंद्र सगर, नरेगा कार्मिक संघ के अध्यक्ष कमलेश शर्मा, नवल नागर, विष्णु अवस्थी, राजेंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।

बारां|अटरू तहसील के नरसिंहपुरा निवासी एक जने ने मजदूरी करने के बाद भी भुगतान नहीं करने पर कलेक्टर से गुहार लगाते हुए मजदूरी की राशि दिलाने की मांग की है। नरसिंहपुरा निवासी रामगोपाल मेघवाल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि नरसिंहपुरा निवासी महेंद्र धाकड़ की 12 बीघा की सरसों की फसल की कटाई 1000 रूपए प्रति बीघा के हिसाब से की गई थी। इसके लिए 9 मजदूरों को लगाकर सरसों की फसल की कटाई की गई थी। इसके लिए सरसों को बाजार में बेचने के बाद भुगतान की बात कहीं गई थी। लेकिन अभी तक महेंद्र धाकड़ के द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा है। भुगतान करने का तकाजा देने पर गाली-गलौच कर मारपीट की धमकी दी जाती है। पीड़ित ने मजदूरी की राशि दिलाने की मांग की है।

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