अस्पताल में मरीजों व तीमारदारों को ठंडा पानी भी मयस्सर नहीं
बारां. महिला शौचालय में टाइलों पर पानी फैला होने से फिसलकर गिरने का खतरा बना हुआ है।
बारां| जिला अस्पताल में करीब 17 करोड़ रुपए खर्च कर मातृ एवं शिशु संस्थान भवन का निर्माण करवाया गया। इसमें मातृ एवं शिशु चिकित्सा सेवा करीब ढाई साल से संचालित हो रही है।
यहां मरीजों व तीमारदारों को पीने के पानी से लेकर जनसुविधाओं की समस्या से परेशानी हो रही है। भीषण गर्मी के बीच एक वाटर कूलर बंद है, जो गर्म पानी दे रहा है। वहीं दूसरा वाटर कूलर खराब हो चुका है। वहीं महिला शौचालय में फर्श पर बिखरा पानी दुर्घटना को आमंत्रण देता दिखाई देता है। तीमारदारों की ओर से शिकायत के बाद भी इंतजामों में सुधार नहीं किया जा रहा है। तीमारदार योगेश कुमार नागर, जितेंद्र नागर, ओमप्रकाश बैरवा, लोकेश बैरवा आदि ने बताया कि एमसीएच यूनिट में एक वाटर कूलर खराब हो चुका है। वहीं बाहर की तरफ लगे वाटर कूलर को चालू नहीं किया जाता है। भीषण गर्मी में ठंडे पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। एमसीएच यूनिट में बने महिला शौचालय में लीकेज होने से फर्श पर पानी बिखरा रहता है। इससे गर्भवती व प्रसूताओं के फिसलकर चोटिल होने की आशंका बनी रहती है। तीमारदारों ने इंतजामों में सुधार की मांग अस्पताल प्रशासन से की है।
बारां. वाटर कूलर से गर्म पानी आ रहा है। इससे लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी हो रही है।