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44 डिग्री तापमान में भी स्वाइन फ्लू सक्रिय दो मौतों ने बढ़ाई चिंता, बारां में मेडिकल अलर्ट

3 वर्ष पहले
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जिले में भीषण गर्मी के बावजूद स्वाइन फ्लू से हो रही मौतों ने चिकित्सा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। चिकित्सा विभाग भी अब 40 से 45 के बीच में चल रहे तापमान के बावजूद हो रही मौताें को लेकर चिंतित है। जिले में दो दिन में दो लोगों की मौत के बाद चिकित्सा विभाग की ओर से चिकित्सा संस्थानों पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

लोगों को जागरूक करने के साथ ही एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सीएचसी व पीएचसी पर स्वाइन फ्लू को लेकर मरीजों को तुरंत प्रभाव से इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।

चिकित्सा विभाग का मानना है कि 20 से 25 डिग्री के तापमान में ही स्वाइन फ्लू का खतरा रहता है, लेकिन जिस प्रकार से भीषण गर्मी 40 से 45 डिग्री के बीच में जिस प्रकार से स्वाइन फ्लू से लोगों की मौत हो रही है, उससे चिकित्सा विशेषज्ञ हैरत में है। विभाग की ओर से घर-घर जाकर मरीजों की समझाइश कर पूरे परिवार को टेमी फ्लू टेबलेट दी जा रही है, ताकि परिवार के अन्य सदस्यों में इसके लक्षण नजर नहीं आए।

सामान्य तौर पर 20 से 25 डिग्री तापमान में सक्रिय होता है इसका वायरस

जिले में स्वाइन फ्लू के अब तक 8 मरीज पॉजिटिव मिले, इनमें 5 की जा चुकी है जान

स्वाइन फ्लू वायरस के ट्रेंड बदलने से चिकित्सा विभाग भी हैरत में

बारां. शिव कॉलोनी में स्वाइन फ्लू से मौत के बाद परिवार के सदस्यों की जांच करती चिकित्सा टीम।

मौत के बाद मृतकाें के घर पहुंची टीम

जिले में दो दिन में दो जनों की स्वाइन फ्लू से मौत हो जाने के बाद सोमवार को चिकित्सा विभाग के दिनेश साहू की अगुवाई में शिव कॉलोनी पहुंची चिकित्सा विभाग की टीम ने मृतक कार्तिक के परिजनों से पूरे इलाज के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं आए इसके लिए परिवार के लोगों को टेमी फ्लू टेबलेट देने के साथ ही सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। वहीं किशनगंज बीसीएमओ डॉ. अभिषेक बंदावला व डॉ. नरेश नागर की अगुवाई में जेसवां गांव पहुंची। टीम ने मृतका रजना के परिवार से मिलकर बीमारी के कारणों के बारे में जानकारी लेने के बाद पूरे परिवार को टेमी फ्लू टेबलेट देकर आगे सावधानी करते के निर्देश दिए हैं।

संदिग्ध मरीजों को टेमी फ्लू देने के साथ ही न्याय आपके द्वारा शिविरों के माध्यम से भी लोगो काे जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। वहीं सभी चिकित्सा संस्थान को भी स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट कर रखा है। क्षेत्र में सभी मरीजों की गहनता से जांच करने के बाद उनके उपचार की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए है। - डॉ. संपतराज नागर, सीएमएचओ बारां

चिंता की वजह: जनवरी से अब तक 8 पॉजिटिव, 5 की हुई मौत

जिले में स्वाइन फ्लू के जनवरी से 20 मई तक 8 पॉजिटिव केस आने के बाद 5 लोगों की मौत भी हो गई है। इसमें 11 फरवरी को छबड़ा में उमेश श्रीवास्तव, 27 मार्च को अंता के रेलवे स्टेशन निवासी जेबुन्निशा, फरवरी में ही बारां के नयापुरा निवासी हलीमा के साथ ही 19 मई को शहर के शिव कॉलोनी निवासी 9 माह के कार्तिक व 20 मई को किशनगंज क्षेत्र के जैसवा गांव निवासी रचना की कोटा में इलाज के दौरान स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है। वहीं डेंगू के भी अब तक 16 पॉजिटिव केस आ चुके हैं।

विभाग की सलाह: खांसी-जुकाम में डॉक्टर से लें परामर्श

डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र मीणा ने बताया कि लंबे समय तक खांसी, जुकाम व बुखार रहने के बाद चिकित्सकों से मरीज को परामर्श लेना चाहिए। इस भीषण गर्मी के बीच स्वाइन फ्लू जैसी बीमारी होना चिकित्सा विभाग के लिए भी चिंता का विषय है। फिर भी चिकित्सा विभाग की ओर से इस प्रकार के मरीजों को समय पर चेतते हुए इलाज लेने की सलाह दी जा रही है। सोमवार को चिकित्सा विभाग की टीम के द्वारा दो जनों की स्वाइन फ्लू से मौत होने के बाद उनके घर पर जाकर अन्य बीमारी के बारे में भी जानकारी ली है।

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