निजी स्कूलों को खत्म करने पर तुली राज्य सरकारः महासंघ
बारां| प्रदेश के निजी स्कूलों के खिलाफ सरकार की दोगली नीतियों, शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों के अहित के मद्देनजर जारी किए गए आदेशों, जिला प्रशासन के निजी स्कूलों के शोषण को लेकर दिए गए आदेशों से त्रस्त जिले के निजी स्कूल अब सरकारी फरमानों की खुलेआम अवहेलना करने के मूड़ में आ गए हैं। राजस्थान प्राइवेट स्कूल्स एजुकेशन एसोसिएशन महासंघ के प्रदेश प्रभारी प्रमोद शर्मा ने बताया कि सरकारी नीतियों और आदेशों से साफ जाहिर है कि सरकार की नीयत निजी स्कूलों को खत्म करने की है।
जिलाध्यक्ष राकेश सोनी ने बताया कि शिक्षा निदेशक ने फरमान जारी किया है कि निजी स्कूल फीस वसूली के लिए दबाव नहीं बना सकेंगे। पहले से ही प्रशासन और स्थानीय शिक्षा विभागीय अधिकारियों ने निजी स्कूलों पर फीस वसूली को लेकर बेवजह दबाव बनाया हुआ है। इसके चलते जिले के निजी स्कूल बंद होने की कगार पर आ गए हैं। कुछ स्कूल बंद हो भी चुके हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष पदम अग्रवाल, प्रद्युम्न वर्मा ने कहा कि वातानुकूलित चेम्बरों में बैठकर अधिकारी वर्ग और सरकार के मंत्री निजी स्कूलों की फीस वसूली को लेकर तुगलकी फरमान तो जारी कर देते हैं, लेकिन क्या वे स्कूल संचालन के लिए निजी स्कूलों को धन भी उपलब्ध करवाने वाले हैं। महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अगर सरकार और अधिकारियों के रवैये में जल्दी ही परिवर्तन नहीं आया तो प्रदेशभर के निजी स्कूल संचालक सरकारी नियमों की सामूहिक रूप से अवहेलना शुरू कर देंगे।