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एक भी स्कूल ने छात्राओं का नहीं करवाया रजिस्ट्रेशन

3 वर्ष पहले
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राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के माध्यम से राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना का लाभ लेने में स्कूलों के संस्था प्रधान रुचि नहीं ले रहे हैं। योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। ऐसे में महज 12 दिन का समय बचा है।

अगर 30 अप्रैल तक आवेदन नहीं करते हैं तो हजारों बालिकाएं इस योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगी। जिले में माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर के 283 स्कूलों का संचालन हो रहा है। इसमें से कई बालिकाओं को साइकिल मिलने के बाद इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन अभी भी सैकड़ों बालिकाएं जो सरकारी स्कूल में 5 किमी से ज्यादा दूरी तय कर आती हैं, इसमें कक्षा 9 से 12वीं तक की छात्राओं को प्रथम तिमाही का ट्रांसपोर्ट वाउचर का लाभ दिया जाना है। लेकिन स्कूलों के संस्था प्रधानों द्वारा अभी तक वाउचर लेने के लिए शाला दर्पण पर बालिकाओं का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है। रमसा की ओर से सभी संस्थान प्रधानों को इसके लिए शाला दर्पण मोड्युल में पात्रता चयन करके डिमांड भरने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन अब तक एक भी स्कूल ने इसमें रुचि नहीं दिखाई है।

स्कूल से 5 किमी दूरी से आने वाली बालिकाआें को प्रतिदिन 20 रुपए तभी मिलेंगे जब 30 अप्रैल तक आवेदन भेजेंगे

बालिका ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना के तहत लाभ लेने के लिए बार-बार कहने के बाद भी अब तक एक भी स्कूल के संस्था प्रधान द्वारा डिमांड को शाला दर्पण पर नहीं डाला गया है। जिसके चलते ऊपर से आने वाली सहायता राशि भी नहीं आ पा रही है। लेकिन अब डिमांड के लिए 30 अप्रैल अंतिम तिथि है। इसके बाद भी डिमांड नहीं भेजने पर बालिकाएं योजना के लाभ से वंचित रह जाएंगी। -भागीरथ मीणा, एडीपीसी रमसा बारां

जिलास्तर पर मॉनिटरिंग शून्य

जिले में उच्च माध्यमिक व माध्यमिक स्तर के 283 स्कूल हाेने के बावजूद अब योजना का लाभ लेने के लिए अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। लेकिन अब तक एक भी स्कूल के संस्था प्रधान की ओर से योजना का लाभ लेने के लिए जिला मुख्यालय पर डिमांड नहीं भेजा गया है। इससे जिला स्तर पर मॅानिटरिंग शून्य है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अभी तक एक भी ब्लॉक को जिला स्तर पर लॉक नहीं किया है। वहीं कई विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने बालिकाओं का चयन तो कर लिया है, लेकिन डिमांड नहीं भरी गई है। जिसके चलते राशि देने के लिए रमसा की ओर से मांगी गई डिमांड भी नहीं भेजी, जिसके चलते अब बालिकाओं को वाउचर योजना का लाभ मिलने में भी देरी हो रही है।

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