बराड़ा| इंसान अपनी सोच के अनुसार ही जीवनयापन करता है। जैसी जिसकी सोच होगी, वैसा ही वह जीवन यापन करेगा इसलिए जीवन में सोच का विशेष महत्व होता है। इसलिए हमेशा सकारात्मक सोच बनाकर रखनी चाहिए ताकि जीवन सकारात्मकता में व्यतीत हो। ऐसा करने से परिणाम भी सकारात्मक ही आते हैं। उक्त शब्द प्रवचन दिवाकर सुधीर मुनि महाराज ने जैन स्थानक मुलाना में धर्मसभा के दौरान कहे।
उन्होंने कहा कि परिवार, व्यापार, इष्ट मित्र व रिश्तेदारों के बारे में तो व्यक्ति सोचता ही रहता है, लेकिन अपने बारे में नहीं सोच पाता। यह बोध सत्संग में आकर प्राप्त होता है। धर्म सभा में उपप्रवर्तक युगपुरुष सुभाष मुनि महाराज, साध्वी डॉ. अर्चना महाराज, साध्वी मनीषा, साध्वी वंदना, साध्वी माघमी, साध्वी वाबनी व साध्वी साक्षी महाराज मौजूद रहीं। धर्म सभा में विशेष रूप से उपस्थित जगदीश मोगिया व रक्षा मातु का पहुंचने पर मुलाना जैन सभा प्रधान अशोक जैन उप प्रधान रामकुमार जैन, महामंत्री नवीन जैन, सहमंत्री उमेश जैन, प्रवक्ता श्रीपाल जैन व राममूर्ति जैन ने माला पहनाकर स्वागत किया।