पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • मूर्ति ने देश में टैलेंट की कमी पर चिंता जताई

मूर्ति ने देश में टैलेंट की कमी पर चिंता जताई

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इंफोसिस के कोफाउंडर एवं मानद चेयरमैन नारायणमूर्ति ने कहा है कि देश के 80-85% युवा किसी भी जॉब के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं। हमारी शिक्षा व्यवस्था समस्याएं सुलझाने के बजाय मशीनी पढ़ाई पर जोर देती है। उभरते हुए आंत्रप्रेन्योर के लिए यह बिल्कुल भी सही नहीं है।

मूर्ति ने चेन्नई में जर्नलिज्म के स्टूडेंस से बातचीत के दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई। मूर्ति ने आगे कहा कि देश स्टार्टअप के लिए सकारात्मक माहौल बनाने में पिछड़ रहा है। हमारे यहां स्टार्टअप कल्चर प्राथमिकता में नहीं है। इस मामले में हम अमेरिका, ब्रिटेन, चीन और जर्मनी के आसपास भी नहीं हैं। बिजनेस और आंत्रप्रेन्योरशिप में सफल होने के लिए उन्होंने कहा कि युवाओं को सबसे पहले पता होना चाहिए कि वे किस क्षेत्र में बिजनेस करना चाहते हैं। इसके बाद इस क्षेत्र की अच्छी कंपनी से जुड़कर सेल्स, मार्केटिंग और एचआर की बारीकियों को समझना चाहिए। सबसे बड़ी बात अपने प्रोजेक्ट पर पूरी तरह समर्पित रहना जरूरी है। नारायणमूर्ति ने आगे कहा कि हमारा देश अपने नागरिकों और विदेश के लोगों के साथ विचारों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित नहीं करता। भगवान राम के समय भी रॉकेट और प्लेन जैसी टेक्नोलॉजी हमारे पास थी। लेकिन हमारी परख इससे होगी कि हम आज क्या हैं, 5 हजार साल पहले क्या थे, इससे नहीं। हमें दूसरों से सीखने के लिए विनम्र बनना होगा। दिमाग को खुला रखना होगा। मुझे नहीं लगता कि हम अपने युवाओं को बेहतर आंत्रप्रेन्योर बनने में मदद करने की स्थिति में हैं। भारत सरकार मेक इन इंडिया को प्रोत्साहित कर रही है ताकि नौकरियां और आंत्रप्रेन्योरशिप पैदा की जा सके। लेकिन सिर्फ सरकार की कोशिशों से कुछ नहीं होगा। राज्यों को भी इसके लिए बराबर मेहनत करनी होगी। राज्यों के स्तर पर भ्रष्टाचार, प्रताड़ना और गैरजरूरी देरी बहुत ज्यादा है।

देश के 80-85% युवा किसी भी नौकरी के लिए तैयार नहीं, हमारी शिक्षा व्यवस्था समस्या सुलझाने पर जोर नहीं देती: नारायणमूर्ति

देश में स्टार्टअप के लिए सकारात्मक माहौल नहीं। इस मामले में हम ब्रिटेन, अमेरिका, चीन और जर्मनी के आसपास भी नहीं हैं।

- एनआर नारायणमूर्ति

इंडस्ट्री में बदलाव के लिए तैयार रहें आईटी कंपनियां : दामोदरन

वैल्युएशन गुरू के तौर पर चर्चित और अमेरिका के स्टर्न बिजनेस स्कूल में प्रोफेसर अश्वथ दामोदरन का कहना है कि भारतीय टेक कंपनियों को इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों को अपनाने के लिए तैयार रहना होगा। कुछ ही कंपनियां ऐसा कर पा रही हैं, यह चिंताजनक है। दामोदरन ने कहा कि उनका यह आशय कतई नहीं है कि भारतीय टेक कंपनियां खत्म हो रही हैं बल्कि वे कुछ नया नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने इंफोसिस के हालिया नतीजों को चिंताजनक बताया । दामोदरन के विचार इंफोसिस के नए सीईओ सलिल पारेख से मिलते हैं, जिन्होंने हाल में ही कहा था कि कंपनी को ग्राहकों के लिए प्रासंगिक बने रहना है तो इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी नई टेक्नोलॉजी में तत्काल निवेश करना होगा। कंपनियों का वैल्युएशन और स्टॉक इन्वेस्टमेंट के एक्सपर्ट दामोदरन का कहना है कि भारतीय कंपनियां परिक्वता के स्तर पर आ चुकी हैं, ऐसे में उन्हें ज्यादा जिम्मेदार बनना होगा।

खबरें और भी हैं...