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प्रबंधन की लापरवाही, अस्पताल परिसर में मिला एक्सपायरी दवाओं का जखीरा

3 वर्ष पहले
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नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकारी एक्सपायरी दवाईयों का बड़ा जखीरा मिला है। दो साल पहले इन दवाओं को लावारिस हालात में अस्पताल परिसर स्थित फुइयां लाल सोनी की धर्मशाला में खुले में फेंक दिया गया है। जिससे किसी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

इतनी बड़ी तादात में एक्सपायरी दवाइयां मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर हो गई। जब इस मामले में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुर को अवगत कराया गया तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर लावारिस हालात में पड़ी एक्सपायरी दवाईयों को देखा। उन्होंने तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरेली के अधिकारियों को दवाईयों की सूची बनाकर जानकारी से अवगत कराने के निर्देश दिए। साथ ही एक्सपायर दवाओं को डिस्पोजल करने वाली टीम का गठन कर दवाओं को शीघ्र ही डिस्पोजल कराने की बात कही। वहीं प्रबंधन की बड़ी लापरवाही नाराजगी भी जाहिर की। सीएमएचओ के निर्देश के बाद प्रबंधन ने आनन-फानन में एक्सपायरी डिस्पोजल करने वाली टीम का गठन करने की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन जहां दवाइयां मिली हैं उस धर्मशाला में कोई भी बिना रोक टोक के आता.जाता रहता है। यहां अधिकांश असामाजिक तत्वों का जमाबड़ा लगा रहता है। ऐसे में यदि किसी की नजर इन दवाईयों पर पड़ जाती और इनका दुरुपयोग हो जाता तो बड़ा हादसा हो जाता। जबकि यह धर्मशाला अस्पताल परिसर में ही मौजूद है। अधिकारियों को अस्पताल प्रबंधन द्वारा यहां दवाइयां रखने का औचित्य ही समझ में नहीं आ रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन दवाईयों का कोई अन्य व्यावसायिक उपयोग करने की योजना बनाई गई होगी।

प्रबंधन ने नहीं किया डिस्पोजल टीबी ,आयरन, मास्क सहित अन्य दवाइयां फेंकी गईं

दो साल पुरानी दवाएं अस्पताल परिसर में स्थित धर्मशाला में लावारिस हालात में मिलीं

दो साल से कचरे में जमा की रही जरूरी दवाएं

भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि अस्पताल परिसर में स्थित धर्मशाला के पिछले हिस्से में सरकारी दवाओं और अन्य सामान को छिपा कर जमा किया जा रहा है। यहां वर्ष 2016.17 की एक्सपायरी दवाइयां मिली हैं। इसके अलावा टीबी, आयरन की टेबलेट के साथ स्किल विन सेट, सिरिंज, माॅस्क, आईबी सेट सहित कई प्रकार का सामान यहां पाया गया है। यह दवाइयां और स्वास्थ्य सामग्री मरीजों के लिए सरकार द्वारा निशुल्क उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल पहुंचाई गई थी। जबकि इन दवाईयों की बाजार में कीमत बहुत ज्यादा है। जिन्हें मरीजों तक नहीं पहुंचाया गया और दो साल से इन्हें कचरे के ढेर के साथ रखा गया है।

प्रबंधन की लापरवाही आई सामने, लगाई फटकार

मौके पर पहुंची सीएमएचओ डाॅ. शशि ठाकुर ने जब इस लापरवाही को देखा तो उन्होंने प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई। जब सीएमएचओ ने डिस्पोजल करने वाली टीम के बारे में जानकारी चाही तो प्रबंधन उनको कोई जबाव नहीं दे पाया। इस पर डाॅ. ठाकुर ने कहा कि बरेली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इस लापरवाही से साफ है कि यहां सामान ज्यादा मात्रा में बुलवाया जा रहा है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जरूरत के अनुसार ही स्वास्थ्य सामग्री और दवाइयां यहां भेजी जाएंगी।

एक्सपायरी दवाइयों की जांच चल रही है

अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण इतनी अधिक मात्रा में एक्सपायरी दवाइयां मिली है। इसकी जांच की जा रही है। प्रबंधन को निर्देशित किया है कि इन लावारिस दवाइयां की सूची तैयार करके अवगत कराए। सभी एक्सपायरी दवाओं को डिस्पोजल भी करे। डाॅ. शशि ठाकुर, सीएमएचओ रायसेन

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