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9वीं सदी का मंदिर व प्राचीन जामवंत गुफा की उपेक्षा

3 वर्ष पहले
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आज विश्व धरोहर दिवस है। बरेली तहसील मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर जयपुर जबलपुर नेशनल हाइवे 12 पर खरगोन से केवल 6 किमी दूर बसे कथाओं और किवदंतियों के गांव जामगढ़ भगदेई में अनमोल पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक धरोहर है। जो पुरातात्विक महत्व की धरोहरें प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो रहीं हैं।

9वीं 10वीं सदी का है मंदिर, 15लाख साल पुराना है क्षेत्र: 19 मार्च 2017 को यहां एक कार्यशाला का आयोजन किया गया था। विश्व विख्यात पुरातत्ववेत्ता एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण मंडल भोपाल के सेवा निवृत्त अधीक्षण डॉक्टर नारायण व्यास ने यहां की प्राचीन धरोहरों का गहन अध्ययन करने के बाद बताया था कि जामगढ़ भगदेई की मानव सभ्यता 15 लाख साल पुरानी है तथा प्राचीन धरोहर शिव मंदिर 9 वीं 10 वीं शताब्दी का है।

संरक्षण व सोध के 1949 से हो रहे प्रयास: जामगढ़ भगदेई की अनमोल ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं शोध के लिए 1949 से प्रयास किए जा रहे हैं। इसके पहले 27 मई 2016 को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण मंडल भोपाल के दल ने यहां जनरल सर्वेक्षण किया। मंडल के उप अधीक्षण डॉक्टर आईए हाशमी ने भी कहा था कि पुरातात्विक दृष्टि से जामगढ़ भगदेई की यह साइट काफी महत्वपूर्ण है। जामवंत गुफा लाखों वर्ष प्राचीन अनमोल धरोहर है।

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