सोमवार को प्री रिविजन को लेकर सभी बीएलओ को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। बतौर प्रशिक्षक बीडीओ जीतराय मुर्मू ने प्री रिविजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बीएलओ को प्रशिक्षित करते हुए बताया कि एक सितंबर से पूरे राज्य में मतदाता सूची सहित मतदान से संबंधित संसाधन को लेकर रिविजन किया जाना है। जिसके लिए तैयारी करनी है। इसी को देखते हुए प्री रिविजन कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। जो 23 मई से 25 जून तक चलेगा।
इस दौरान मुख्य रूप तीन बिंदुओं पर कार्य करना है। एक जनवरी 2018 को जिनकी उम्र 18 वर्ष हो गई है। उनकी सूची डोर टू डोर जाकर बनानी है। वहीं एक जनवरी 2019 को जिनकी उम्र 18 वर्ष होनी है। उनकी भी सूची प्री रिविजन कार्यक्रम के तहत बनानी है। ताकि जब रिवीजन का कार्यक्रम शुरू हो तो उनका नाम मतदाता सूची में चढ़ सके और आगामी आने वाले विधान सभा एवं लोकसभा में अपनी मताधिकार का प्रयोग कर सके। प्री रिविजन कार्यक्रम के तहत 23 मई से 25 जून तक डोर टू डोर सर्वे कर उनकी सूची बनानी है। जिन्होंने मताधिकार के लिए उम्र सीमा पार कर ली है। 26 जून से 31 जुलाई तक बूथ वेरिफिकेशन करनी है। वहां की संसाधन उपलब्धता की जानकारी देनी है। इसके अलावा बूथ के लिए बनाया गया भवन की भौतिक सत्यापन भी बीएलओ को करनी है। एक अगस्त से 31 अगस्त तक मतदाता सूची में नाम चढ़ाने के लिए जरूरी कागजात को उपलब्ध करानी है। एक सितंबर को मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाना है। ताकि उसमें छूटे या त्रुटि का निराकरण किया जा सके।
इस दौरान 23 मई से 27 मई तक बूथ स्तर पर फोटोग्राफी भी किया जाएगा। उनमें वैसे लोग फोटो खिंचवा सकते हैं। जिनका मतदाता सूची में साफ फोटो नहीं है। ताकि साफ फोटो वाला मतदाता पहचान पत्र बनाया जा सके। बीपीआरओ अनिल कुमार ने बीएलओ को उनके दायित्व से अवगत कराया और सर्वे के लिए पंजी उपलब्ध कराया। मौके पर संजय दूबे, सुशील कुमार, उपेंद्र पांडेय, मनोज घोष, अजय कुमार, जगदीश प्रसाद, स्वामी रामतीर्थ सिंह, राजीव प्रसाद, रामचंद्र यादव, अशोक पंडित, रंजीत सिंह, मनोज कुमार, रामनारायण यादव सहित कई बीएलओ मौजूद थे।