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बिहार पहला राज्य, जहां मुख्यमंत्री दे रहे हैं महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर: मंत्री

3 वर्ष पहले
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देश भर में बिहार पहला ऐसा राज्य है जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। शराबबंदी, बाल विवाह व दहेज उन्मूलन के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं। वहीं सरकार बालिका शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। उक्त बातें सोमवार को ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेश कुमार ने बरियारपुर स्थित आवास पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। मंत्री ने कहा कि पहले जब घर में लड़की पैदा होती थी तो अभिभावक के चेहरे से खुशी गायब हो जाती थी। आज स्थिति बदली है। सरकार बालिका के जन्म पर 2000 रुपए, एक साल पूरा होने पर 01 हजार रुपए, बालिका के आधार से लिंक हो जाने पर व सभी टीकाकरण होने पर 2 हजार रुपए, लड़कियों को शिक्षा के लिए ड्रेस, साइकिल, जूता, नैपकिन के लिए सरकार राशि दे रही है। बालिका के मैट्रिक पास होने पर 10 हजार, ग्रेजुएशन करने पर 25 हजार की राशि दी जा रही है। इस प्रकार बालिका के जन्म से लेकर बीए तक की शिक्षा के लिए 54 हजार 100 की प्रोत्साहन राशि सरकार खर्च कर रही है।

बरियारपुर स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते ग्रामीण कार्य मंत्री।

सड़क के लिए मंत्री ने डीपीआर बनाने का दिया निर्देश

भास्कर न्यूज| जमालपुर

सूबे के ग्रामीण कार्य मंत्री सह स्थानीय विधायक शैलेश कुमार सोमवार को शहर के मुंगरौड़ा मुहल्ला में शहरवासियों की समस्याओं से रूबरू हुए। यहां उन्होंने कहा कि सूबे की सरकार गरीब व नि:सहाय लोगों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। बेराजगार युवकों को रोजगार का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में विकास की रफ्तार तेज हुई है। मंत्री ने नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी दिनेश दयाल लाल को निर्देश देते कहा कि नगर परिषद अंतर्गत न्यू कॉलोनी सहित अनेक मुहल्ला में सड़क निर्माण का डीपीआर बना कर बोर्ड से पास करवाएं। ताकि इन क्षेत्रों में जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य आरंभ किया जा सके। मंत्री ने कहा कि सूबे के विकास के लिए धन की कमी नहीं है। प्राथमिकता के आधार पर विकास के कार्य किए जा रहे हैं। पेयजल का संकट उत्पन्न नहीं हो इसके लिए वार्डों में पियाऊ लगवाने के लिए कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है।

नीतीश के कार्यकाल में बनी 72 हजार किमी सड़क

प्रदेश में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें विकास दिखाई ही नहीं दे रहा है। जो कल तक लालटेन युग में जी रहे थे और बिहार को लालटेन में तब्दील कर दिया था आज उसी बिहार में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 से 22 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। कहीं कहीं तो 24 घंटे बिजली मिल रही है। प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को सुसज्जित किया गया है। पर्याप्त दवाई, डाॅक्टर के साथ भवन व बेड उपलब्ध हैं। जांच की भी व्यवस्था अस्पतालों में उपलब्ध है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सत्ता संभाले जाने के बाद से अब तक 72 हजार किमी सड़क का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग से कराया गया है।

नगर पर्षद के कार्यपालक अभियंता से बातचीत करते मंत्री शैलेश कुमार।

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