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अधिकमास की नगर परिक्रमा आज, 24 किमी. करेंगे पैदल यात्रा

3 वर्ष पहले
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विक्रमी संवत के ज्येष्ठ मास के अधिक मास होने के कारण ज्येष्ठ सुदी षष्ठी रविवार को नगर परिक्रमा का आयोजन किया जाएगा। यह परिक्रमा सुबह पांच बजे सदर बाजार हनुमानजी मंदिर से शुरू होकर अम्बेडकर चौराहा, गडरारोड रोड, रावलों की ढाणी, पहाड़ी के पीछे से होते हुए सुबह आठ बजे गोपाल गोशाला पहुंचेगी। यहां विश्राम के पश्चात दुबारा हिंगलाज माता मंदिर होते हुए, इंदिरा नगर, इंद्रा कॉलोनी, जैसलमेर रोड, आरटीओ कार्यालय होते हुए सुबह 11 बजे शिव शक्ति धाम जसदेर पहुंचेगी। यहां पर 11 से 4 बजे तक विश्राम व भोजन का समय रहेगा। इस दौरान अधिक मास की कथा, भजन व प्रवचन होंगे। नगर परिक्रमा के ध्वज वाहक घनश्याम त्रिवेदी होंगे। इस दौरान गंगागिरी मठ के महंत खुशालगिरी महाराज, तारातरा मठ के महंत प्रतापपुरी महाराज, चंचल प्राग मठ से शंभुनाथ सैलानी, हमीरपुरा मठ से नारायणपुरी महाराज, रामस्नेही रामद्वारा से रामस्वरूप शास्त्री व सीतारामदास आश्रम से सियाराम दास महाराज प्रवचन देंगे। इसके बाद शाम चार बजे यात्रा जसदेर धाम से रवाना होकर सदर थाना, चौहटन चौराहा होते हुए सदर बाजार हनुमानजी मंदिर पहुंच कर पूरी होगी।

सर्वसमाज के हजारों श्रद्धालु होंगे शामिल, सुबह पांच बजे हनुमानजी मंदिर से शुरू होगी यात्रा

24 किमी. होगी नगर परिक्रमा

अधिकमास के अवसर पर नगर परिक्रमा की तैयारी को लेकर पिछले एक माह से साधु संत व कार्यकर्ता जुटे हुए है। जगह-जगह पानी व विश्राम की व्यवस्था व सभी समाज के लोगों को शामिल करने सहित अन्य तैयारियों को लेकर नगर परिक्रमा सेवा समिति के संरक्षक खुशालगिरी महाराज, प्रतापपुरी महाराज के नेतृत्व में बंशीलाल अग्रवाल, बाबूलाल माली, शंकर मोदी, रमेशिसंह ईंदा, किशोर भार्गव, आनंद पुरोहित, गिरीश माहेश्वरी सहित कई कार्यकर्ता नगर परिक्रमा की व्यवस्था में लगे हुए है। शनिवार को संपूर्ण व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।

सद्भावना की प्रतीक है नगर परिक्रमा

पिछले पचास सालों से भी अधिक समय से अधिक मास के दौरान नगर परिक्रमा का आयोजन किया जाता है। यह एक मात्र आयोजन है, जिसमें समाज के सभी वर्ग श्रद्धा के साथ सम्मिलित होते है। इस दौरान सर्व समाज के लोग हनुमानजी मंदिर से परिक्रमा एक साथ शुरू करते है तथा दुबारा हनुमानजी मंदिर पहुंचकर यात्रा का समापन किया जाता है। इस दौरान सभी समाज के लोग साथ में आपसी मेल मिलाप व भाईचारे के साथ पूरी परिक्रमा करते है।

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