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मासूम से सामूहिक दुष्कर्म-हत्या दो दोषियों को फांसी की सज़ा का एेलान

3 वर्ष पहले
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राजस्थान के बाड़मेर में 12 साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के दो आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। विशेष जज (पॉक्सो) वमीता सिंह ने मंगलवार को दो दोषियों को सजा ए मौत का फैसला सुनाया। जबकि तीन आरोपियों को 7-7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। घटना 31 मार्च 2013 की है। घर के आंगन में मां के पास पलंग पर सो रही 12 साल की बच्ची का दो दरिंदों ने मुंह पर कपड़ा बांध अपहरण कर लिया और रात में घर से दूर पहाड़ी इलाके में ले गए। यहां उसके साथ घेवरसिंह राजपुरोहित और श्रवणसिंह ने दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के सबूत मिटाने की नीयत से बालिका को बेहोशी की हालत में पहाड़ी से नीचे फेंककर उसकी हत्या कर दी। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर 6 जून 2013 को कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई। 5 साल तक चले ट्रायल के बाद मंगलवार को फैसला आया। कोर्ट ने दो दोषियों निंबड़ी निवासी घेवर सिंह और श्रवणसिंह को सजा- ए- मौत का फैसला सुनाया। जबकि तीन आरोपियों प्रहलाद सिंह, नरसिंग सिंह व शंकरसिंह निवासी रड़वा को 7-7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।

घेवर सिंह और श्रवणसिंह, जिन्हें अदालत ने फांसी की सजा सुनाई।

पांच साल तक ऐसे चला मामला

29-30 मार्च 2013 की रात वारदात।

31 मार्च 2013 को पहाडिय़ों में बालिका का शव मिला, एफआईआर दर्ज करवाई।

6 जून 2013 को डीजे कोर्ट बालोतरा में जांच अधिकारी ने चार्जशीट पेश की।

8 अक्टूबर 2013 को प्रकरण केस ऑफिसर स्कीम में ट्रांसफर।

6 अगस्त 2018 को अंतिम सुनवाई, 26 गवाह के बयानों, सबूतों के आधार व बहस की सुनवाई हुई। नतीजा सुरक्षित।

7 अगस्त 2018 को कोर्ट ने सुनवाई के बाद सुरक्षित रखे फैसले को पढ़ कर सुनाया। 2 दोषियों काे फांसी की सजा।

भास्कर अभियान का असर

सभी नई 55 पॉक्सो कोर्ट में जज नियुक्त

राजस्थान देश में पहला राज्य

जहां सभी 35 ज्युडिश्यरी जिलों के साथ-साथ 21 अतिरिक्त पॉक्सो कोर्ट खुलीं

पॉलिटिकल रिपोर्टर|जयपुर

राज्य सरकार के प्रदेश में 55 नई पोक्सो कोर्ट खोलने की मंगलवार को अधिसूचना जारी करने के साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने इन सभी स्पेशल कोर्ट में पीठासीन अधिकारियों को लगा दिया। हालांकि, इन सभी कोर्ट का फिलहाल अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके साथ ही इन अदालतों ने काम-काज शुरू कर दिया गया है। राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है, जहां 35 ज्युडिश्यरी जिलों में एक-एक पोक्सो कोर्ट के साथ-साथ 21 अतिरिक्त पोक्सो कोर्ट खोले गए हैं। इससे प्रदेश में न केवल बच्चियों बल्कि, महिलाओं से दुष्कर्म के मामलों के निस्तारण में तेजी जाएगी।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पिछले दिनों प्रदेश में 55 पोक्सो कोर्ट खोले जाने की स्वीकृति थी। जयपुर सिटी में 6, कोटा में 5, अलवर में 4, पाली में 3 और अजमेर, बारां, भरतपुर, उदयपुर, झालावाड़, भीलवाड़ा व बूंदी में 2-2 पोक्सो कोर्ट खुलेंगे, 23 जिलों में एक-एक कोर्ट खोली गई है। मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए अब प्रदेशभर में कुल 56 पोक्सो कोर्ट हो जाएगी। जयपुर में एक कोर्ट पहले ही कार्यरत है। जयपुर की सभी छह कोर्ट का चार्ज पोक्सो कोर्ट के स्पेशल जज दलीप सिंह को सौंपा गया है।

लगातार अिभयान

10 जून, 2018 को प्रकाशित।

4 जुलाई, 2018 को प्रकाशित।

अब तेजी से निपटेंगे दुष्कर्म केस

प्रदेश में 55 पोक्सो कोर्ट खोलने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। सभी 35 जिलों में एक-एक पोक्सो कोर्ट खोलने के साथ-साथ 21 अतिरिक्त पोक्सो कोर्ट खोली गई है। इतनी बड़ी संख्या में एक साथ पोक्सो कोर्ट खोलने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है। पोक्सो कोर्ट खुलने से दुष्कर्म के मामलों के निस्तारण में निश्चित तौर पर गति मिलेगी।

-महावीर प्रसाद शर्मा, प्रमुख सचिव, विधि एवं विधिक कार्य, राजस्थान सरकार

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