रहमतों और बरकतों से भरे रमजान के पहले जुम्मे पर मौमीन बंधुओं ने अल्लाह की सख्त कसौटी पर भूखे-प्यासे रहकर अकीदत और अहतराम के साथ अपना पहला रोजा रखा। रमजान के पहले जुम्मे की नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में मौमीन बंधु जामा मस्जिद में पहुंचे। जामा मस्जिद के पेश इमाम हाजी मौलाना लाल मोहम्मद सिद्धिकी की इमामत में अदा की गई। इस दौरान रोजेदार मौमीन भाई सहित कई छोटे मासूम बालक भी अकीदत के साथ रोजा रख खुदा की बारगाह में सर झुकाते एवं कुरान शरीफ की तिलावत करते नजर आए। इस अवसर पर इस्लाम धर्म गुरु हजरत पीर सैयद बापु हाजी गुलाम हुसैन शाह जीलानी की अगवाई में देश की खुशहाली, साम्प्रदायिक सौहार्द्ध, अमनो-चैन, आपसी भाईचारा, गंगा-जमूनी तहजीब बरकरार रखने सहित गरीब, यतीम, बेरोजगार की जायज मांगों को पूरा करने को लेकर हजारों हाथ खुदा की बारगाह में दुआओं के लिए उठे। वहीं मौमीन भाईयों ने अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए खुदा की राह पर एक और नेक बनने की कामना की। इस अवसर पर पीर सैयद गुलाम हुसैन शाह जीलानी ने बताया कि माहे रमजान महीना मोहब्बत और भाईचारे का संदेश देता है। इस माह में रोजेदार तकवा को अपनाते हुए अनगिनत नेकियों के हकदार हो जाते हैं। खुदा के बंदे सदाकत और सदाअत की नेकियों को अपनाते हुए खुदा से अपने बख्शीश की दुआ करते हैं। जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना हाजी लाल मोहम्मद सिद्धिकी ने बताया कि यह पाक महीना कई मायनों में खास है। खुदा ने इसी महीने में दुनिया में कुरान शरीफ को नाजिल किया और दुनिया के लोगों को इल्म और तहजीब की रोशनी दी। नमाज के बाद हजारों मौमीन भाईयों ने सलातों सलाम पढ़कर पहले जुम्मे एवं रमजान की गले मिलकर मुबारकबाद पेश की। इसके बाद मौमीन भाई अहमदशाह जीलानी दरगाह शरीफ कब्रिस्तान पहुंचे। जहां दुनिया से रूखसत हुए अपने रिश्तेदारों की मजार पर कुल कुलाम पेश कर मगफिरत की दुआएं मांगी।
रमजान को लेकर मौमीनों में उत्साह
मुस्लिम इंतेजामिया कमेटी के सचिव अबरार मोहम्मद ने बताया कि अलसुबह ही रोजेदार अपने कार्यों से निवृत होकर खुदा की राह में मग्न हो जाते हैं। पूरे जोश और उत्साह के साथ मोमीन भाई व बहिनें सेहरी कर रोजा रखने की नियत करते हैं। दिनभर अपने दिल में खुदा को याद कर कुरान शरीफ की तिलावत करते हैं। प्रत्येक रोजेदार गरीबों की भूख और प्यास की तकलीफ को करीब से महसूस करते हैं। तेज गर्मी व उमस के चलते अपने नित्य कार्यो के साथ लू की परवाह किए बगैर मुसलमान अपने मुसल इमान की कसौटी पर पाक माह रमजान में खुदा की इबादत करते नजर आ रहे हैं। सूर्यास्त के निश्चित समय पर खजूर या नमक से एक साथ मौमीन रोजा इफ्तार करते हैं। देर रात्रि को कुरान शरीफ की तिलावत के साथ पेश इमाम एवं कुरान ए हाफिज मौलाना नमाज तराबीह अदा करते हैं। इस माह के दौरान प्रत्येक मोमीन अपनी गाढ़ी कमाई का कुछ हिस्सा जकात के तौर पर गरीबों और असहायों में बांटता है।
भास्कर संवाददाता | बाड़मेर
रहमतों और बरकतों से भरे रमजान के पहले जुम्मे पर मौमीन बंधुओं ने अल्लाह की सख्त कसौटी पर भूखे-प्यासे रहकर अकीदत और अहतराम के साथ अपना पहला रोजा रखा। रमजान के पहले जुम्मे की नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में मौमीन बंधु जामा मस्जिद में पहुंचे। जामा मस्जिद के पेश इमाम हाजी मौलाना लाल मोहम्मद सिद्धिकी की इमामत में अदा की गई। इस दौरान रोजेदार मौमीन भाई सहित कई छोटे मासूम बालक भी अकीदत के साथ रोजा रख खुदा की बारगाह में सर झुकाते एवं कुरान शरीफ की तिलावत करते नजर आए। इस अवसर पर इस्लाम धर्म गुरु हजरत पीर सैयद बापु हाजी गुलाम हुसैन शाह जीलानी की अगवाई में देश की खुशहाली, साम्प्रदायिक सौहार्द्ध, अमनो-चैन, आपसी भाईचारा, गंगा-जमूनी तहजीब बरकरार रखने सहित गरीब, यतीम, बेरोजगार की जायज मांगों को पूरा करने को लेकर हजारों हाथ खुदा की बारगाह में दुआओं के लिए उठे। वहीं मौमीन भाईयों ने अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए खुदा की राह पर एक और नेक बनने की कामना की। इस अवसर पर पीर सैयद गुलाम हुसैन शाह जीलानी ने बताया कि माहे रमजान महीना मोहब्बत और भाईचारे का संदेश देता है। इस माह में रोजेदार तकवा को अपनाते हुए अनगिनत नेकियों के हकदार हो जाते हैं। खुदा के बंदे सदाकत और सदाअत की नेकियों को अपनाते हुए खुदा से अपने बख्शीश की दुआ करते हैं। जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना हाजी लाल मोहम्मद सिद्धिकी ने बताया कि यह पाक महीना कई मायनों में खास है। खुदा ने इसी महीने में दुनिया में कुरान शरीफ को नाजिल किया और दुनिया के लोगों को इल्म और तहजीब की रोशनी दी। नमाज के बाद हजारों मौमीन भाईयों ने सलातों सलाम पढ़कर पहले जुम्मे एवं रमजान की गले मिलकर मुबारकबाद पेश की। इसके बाद मौमीन भाई अहमदशाह जीलानी दरगाह शरीफ कब्रिस्तान पहुंचे। जहां दुनिया से रूखसत हुए अपने रिश्तेदारों की मजार पर कुल कुलाम पेश कर मगफिरत की दुआएं मांगी।
रोजा इफ्तारी पार्टी का हुआ आयोजन
माहे रमजान की शुरुआत शुक्रवार से हुई। पहले रोजे पर पहली रोजा इफ्तार पार्टी आयोजित हुई, जिसमें मोमीन भाइयों ने हिस्सा लिया। गर्मी से जहां आमजन परेशान नजर आया, वहीं मोमीन भाईयों और बहिनों ने रोजा रख खुदा की बारगाह में अकीदत पेश की। शहर में स्थित बापू अहमद शाह जीलानी दरगाह परिसर में शुक्रवार शाम को समाजसेवी मिस्त्री इल्मदीन कुरैशी की ओर से रमज़ानुल मुबारक़ के पहले रोजे की इफ्तार पार्टी आयोजित की गई। इस मौके पर रोजेदारों ने पीर सैय्यद बापू गुलाम हुसैन शाह जीलानी की सरपरस्ती में देश में अमन चैन एवं खुशहाली की दुआएं मांगी। रोजा इफ्तार पार्टी के मगरिब की नमाज अदा की गई। इस मौके पर मुस्लिम इंतजामिया कमेटी सचिव अबरार मोहम्मद, पूर्व सचिव अब्दुल रशीद, थार मुस्लिम एजुकेशन सोसायटी के सचिव दोस्त अली, हाजी अनीश गौरी, असलम तंवर, अमु मिस्त्री, अजरुद्दीन कुरैशी आदि मौजूद रहे।