नगर परिषद के बाहर सभापति के खिलाफ धरने पर बैठे पार्षदों ने 12वें दिन सदबुद्ध यज्ञ किया। इस दौरान पार्षदों ने हवन में आहुतियां देकर सभापति को सदबुद्धि देने की कामना की। विभिन्न मांगों को लेकर पार्षदों का धरना और अनशन जारी है। इसके बावजूद किसी जनप्रतिनिधि की ओर से सुलह करवाने के प्रयास नहीं किए जा रहे है। इससे पार्षदों और सभापति के बीच तकरार बढ़ रही है। रविवार को अनशन पर अनिल व्यास बैठे। सोमवार को किशनलाल बडारिया अनशन व जल दोनों का त्याग करेंगे। शहर की जन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर धरना दिया जा रहा है। धरने पर बैठे 7-8 पार्षदों में अधिकांश कांग्रेसी पार्षद है। ऐसे में अपने ही बोर्ड के खिलाफ पार्षदों को धरने पर बैठना पड़ रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष से लेकर विधायक व पूर्व सांसद तक इस मामले को लेकर कई पदाधिकारी शिकायत कर चुके है, लेकिन संगठन की बदनामी के बावजूद पदाधिकारी किसी तरह का निर्णय नहीं कर पा रहे है। पार्षदों का आरोप है कि सभापति जनता को गुमराह करने के लिए मीडिया के सामने झूठी वाहवाही लूट रहे है। धरने पर सुरतान सिंह, जगदीश खत्री, किशनलाल बडारिया, दीपक परमार, संपतराज, अनिल व्यास, नरेश देव सारण मौजूद रहे।