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शैहणा के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर नहीं, मरीजों को इलाज करवाने भदौड़, बरनाला में जाना पड़ रहा

3 वर्ष पहले
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कस्बा शैहणा का सरकारी अस्पताल।

समस्या

मलेरिया वर्कर की भी 15 दिन शैहणा और 15 दिन नैणेवाल में ड्यूटी लगाई जाती है

भास्कर संवाददाता| बरनाला

कस्बा शैहणा का सरकारी अस्पताल स्टाफ की कमी के साथ जूझ रहा है। यहां कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं है। अस्पताल में फार्मासिस्ट है परंतु सरकारी फैसले के अनुसार डाॅक्टर बिना फार्मासिस्ट दवा नहीं दे सकता और फार्मासिस्ट भी न होने के समान ही हो गया है। अस्पताल में सफाई सेवक भी नहीं है। मलेरिया वर्कर को 15 दिन शैहणा और 15 दिन नैणेवाल ड्यूटी पर लगाया हुआ है। इसी प्रकार स्टाफ नर्स को 4 दिन तपा मंडी और दो दिन शैहणा में लगाया हुआ है। फार्मासिस्ट हरपाल सिंह बीमार चल रहा है। हरेक मंगलवार को जन्म और मौत के सर्टिफिकेट बनने होते हैं, वह भी नहीं बनते। लोग परेशान हो रहे हैं। युवक सेवाअों क्लब के नेता प्रदीप सिंगला ने कहा कि लंबे समय से शैहणा में अस्पताल को अपग्रेड करने की मांग की जा रही है, परंतु अस्पताल तो क्या अपग्रेड करना था, बल्कि यहां को कोई डाॅक्टर भी नहीं भेजा जा रहा। उन्होंने कहा कि शैहणा निवासियों को इलाज करवाने के लिए भदौड़, बरनाला या तपा में जाना पड़ता हैं नहीं तो गांव में ही प्राइवेट डाॅक्टरों से इलाज करवाना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि शैहणा कस्बा के लोगों की समस्या को देखते हुए जल्द से जल्द अस्पातल में डाॅक्टर की पोस्ट भरी जाए। वहीं तपा के एसडीएम संदीप कुमार ने कहा कि मामला मेरे ध्यान में नहीं है जल्द ही लोगों की समस्या का हल करवाया जाएगा। (लखवीर)

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