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अब बड़े पैमाने पर मिट्टी जांच, खर्च आधा, आमदन होगी दुगनी

3 वर्ष पहले
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खेतीबाड़ी विभाग ने जिले के किसानों के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर मास्टर प्लान तैयार किया है। इससे किसानों की खेती से आमदन दुगनी होगी, साथ ही उनका खर्च आधार रह जाएगा। खेती की नई विकसित तकनीक से पर्यावरण प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी। खेतीबाड़ी विभाग की तरफ से किसानों के खेतों का भूमि परीक्षण बड़े स्तर पर किया जा रहा है। अब तक जिला प्रशासन की तरफ से 9 हजार किसानों के भूमि परीक्षण कार्ड बना दिए गए हैं। खेतीबाड़ी विभाग की तरफ से बड़े स्तर पर भूमि परीक्षण के लिए किसानों को उत्साहित किया जा रहा है। अब तक जिला प्रशासन की तरफ से 9 हजार किसानों के कार्ड बना दिए गए हैं। किसान अपने खेत से मिट्टी लेकर खेतीबाड़ी विभाग की लैब में जमा करवाएंगे। वहां से उसकी मिट्टी में कमी की जानकारी दी जाएगी। उसी हिसाब से उन्हें खाद डालने की सलाह दी जाएगी। जिला खेतीबाड़ी अफसर रछपाल सिंह ने बताया कि किसान महंगी खाद बिना किसी कारण डालते हैं, जिससे खर्च बढ़ता है व झाड़ भी कम निकलता है।

खेतीबाड़ी

खेतीबाड़ी विभाग ने जिले के किसानों के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर किया मास्टर प्लान तैयार

मिट्टी परख करते हुए अधिकारी।

15 खेतों में जिंक व 4 खेतों में पाई सल्फर की कमी

भूमि परीक्षण अफसर सर्वजीत सिंह ने बताया कि पिछले साल 100 खेतों की विभाग की सैंपलिंग की गई थी। इसमें से 15 खेतों में जिंक व चार खेतों में सल्फर की कमी पाई गई। इन किसानों ने भरपूर खाद का भी इस्तेमाल किया था। लेकिन सही तरीके से खाद का इस्तेमाल नहीं हुआ। जिसके चलते खेतो में कमी खाद की कमी आने से झाड़ में कमी आई।

किसान ऐसे करवाएं अपनी भूमि का परीक्षण

1. किसान अपने खेत से मिट्टी एक कांच के बर्तन में डाल कर खेतीबाड़ी विभाग के दफ्तर में लाएं।

2. सैंपल देकर 15 दिन के बाद रिपोर्ट प्राप्त करें।

3. रिपोर्ट के आधार पर ही किसानों को खाद डालने के निर्देश दिए जाएंगे।

4. उसी आधार पर किसान खाद डालेंगे, जिससे उनकी बचत होगी।

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