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मालिक के विरोध के बावजूद विभाग ने प्राइवेट गोदाम में जबरदस्ती स्टोर की गेहूं

3 वर्ष पहले
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मालिक के विरोध के बावजूद फूड सप्लाई विभाग की तरफ से प्राइवेट गोदाम में गेहूं स्टोर कर दिया गया। इस पर गोदाम के मालिक ने विभाग के आला अधिकारियों को लीगल नोटिस थमा दिया। इसके 25 दिन बीत जाने के बाद भी विभाग ने जबाव नहीं दिया। जिला फूड सप्लाई अफसर का तर्क है कि सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ है। इससे ज्यादा वह कुछ नहीं कह सकते।

वहीं गोदाम के मालिक ने कहा कि उसके साथ धक्का किया जा रहा है, जब उन्होंने विरोध किया तो फूड सप्लाई अफसर की तरफ से उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। इसकी शिकायत उन्होंने उच्च अधिकारियों से भी की है। राकेश जिंदल पुत्र स्वर्गीय रोशन लाल निवासी बरनाला ने बताया कि उनका 30 कनाल 5 मरले (3.85 एकड़) का एक ओपन गोदाम बाजाखाना रोड़ पर सोहल पत्ती के पास है। इसका फ्रंट करीब 350 फीट है। इस गोदाम में वह चौथे हिस्से के मालिक है। ये गोदाम उनके पिता के नाम पर था। जिसकी कुछ साल पहले मौत हो गई है, अब सारी मलकीयत उनकी माता सावित्री देवी के पास है। वह इसे बेचना चाहते है। जिसके चलते गेहूं का सीजन शुरू होने से पहले ही उन्होंने विभाग को पत्र लिख कर सारा रिकार्ड पेश करके निवेदन किया था उनके हिस्से के गोदाम में माल ना लगाया जाए, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी।

विरोध के बावजूद जब विभाग की तरफ से ओपन गोदाम में गेहूं स्टोर कर दी गई, तो गलत तरीके से की गई कार्रवाई के विरोध में सावित्री देवी ने फूड सप्लाई विभाग को कानूनी नोटिस भेजा। जिला कचहरी बरनाला के एडवोकेट विनोद गोयल की तरफ से भेजे गए नोटिस में जिला फूड सप्लाई अफसर से पूछा गया कि 1/4 हिस्से के मालिक के विरोध के बावजूद उसके मालिकी के गोदाम में गेहूं क्यों स्टोर की गई। साथ ही विभाग की तरफ से इसका जबाव दस दिन के भीतर नहीं दिए जाने के बाद कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई, लेकिन 25 दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें इसका जबाव नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी से धक्का करता है तो वह प्रशासन से गुहार लगाते है। लेकिन अब प्रशासन ही लोगों के साथ धक्का कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने नोटिस भेजने से पहले उन्होंने डीएफएसओ स्वीटी देवगण से इस संबंधित गुहार लगाई तो उन्होंने उनसे गलत भाषा का इस्तेमाल किया।

सीधी बात- स्वीटी देवगण, डीएफएसओ

1- सवाल- सावित्री देवी के गोदाम में उसकी मर्जी के बिना माल किस आधार पर लगा ?

जबाव- हमारे पास माल लगाने का आधार है। आप दफ्तर आकर कागजात चेक कर सकते हैं।

2- अगर आधार है तो नोटिस का जबाव क्यों नहीं दिया गया?

जबाव- जबाव दे दिया जाएगा। उन्हें जुबानी बता दिया गया है। 3- 25 दिन बाद पर भी नोटिस का जबाव क्यों नहीं दिया।

जबान- नोटिस हमने अपने वकील को भेजा है। उसकी राय से ही जबाव देंगे। हमने किसी के साथ ना तो गलत भाषा का इस्तेमाल किया है और ना ही धक्का किया है।

किसी की मर्जी के बिना विभाग की तरफ से इस तरह गोदाम इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अगर विभाग को किसी ने गलत जानकारी देकर गोदाम को अपना बता कर माल लगवा लिया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करे। अगर जानबूझ कर विभाग ने माल लगाया है तो ये कानूनी तौर पर गलत है। -एडवोकेट धीरज कुमार

एक्सपर्ट व्यू-

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