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बिना लाइसेंस के चल रहे हैं नर्सिंगहोम बोले सिविल सर्जन, नहीं है जानकारी

3 वर्ष पहले
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बारसोई प्रखंड में बिना लाइसेंस के करीब छह नर्सिंगहोम चल रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग इस संबंध में अनजान बना हुआ है। इस संबंध में सीएस का कहना है कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है कि एक जिम्मेदार अधिकारी इस तरह कह रहे हैं। इन नर्सिंगहोम में अधिकतर झोलाछाप डॉक्टर हैं जो मरीजों का इलाज कर रहे हैं। कई बार स्थानीय लोगों द्वारा उक्त नर्सिंगहोम के संचालकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जिले के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा गया था। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते उनके हौसले बुलंद हैं। उनके यहां जो डॉक्टर बैठते हैं उनकी डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है इसका भी उल्लेख नहीं रहता है। इन नर्सिंगहोम में दलालों व झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा मरीजों को भेजा जाता है। जहां उनका कमीशन फिक्स रहता है। कहा जाए कि मरीजों की जान के साथ ही उनकी आर्थिक क्षति भी होती है। इसके बाद भी प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौन धारण किए हुए हैं। लगता है कि उनको किसी बड़ी घटना का इंतजार है तभी उनकी नींद टूटेगी।

बारसोई में लगा नर्सिंग होम का बोर्ड लेकिन रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी झोलाछाप डाॅक्टरों की भरमार

विदित हो कि शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है। इन ग्रामीण डॉक्टरों के पास डिग्री नहीं है लेकिन इसके बाद भी इनकी प्रैक्टिस धड़ल्ले से चलती है। यहां तक कि अब तो मेडिकल स्टोर चलाने वाले भी अपने यहां डॉक्टर का बोर्ड लगाकर दवा देने लगे हैं। लोग चंद रुपए की बचत में अपनी जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। ज्ञात हो कि बारसोई में दो ही नर्सिंगहोम के पास लाइसेंस हैं बाकी बगैर लाइसेंस के हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक नर्सिंग होम के संचालक का कहना है कि सूबे में किसी तरह का मेडिकल एक्ट लागू नहीं होने के कारण इस तरह की समस्या खड़ी हुई है। साथ ही जिले के किसी नर्सिंगहोम में नियमों का अनुपालन नहीं होता है। अगर मानक के दृष्टिकोण से नर्सिंगहोम संचालित होने लगे तो करीब 80 प्रतिशत नर्सिंगहोम बंद हो जाएंगे।

जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई

बारसोई में ऐसे नर्सिंगहोम का संचालन हो रहा है यह उनकी जानकारी में नहीं है। अगर ऐसा हो रहा है तो उक्त मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टर आरएन सिंह, सीएस, कटिहार

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