पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Jharkhand
  • Dhanbad
  • बड़े भाई ने छोटे को तलवार से काटा, इलाज के दौरान मौत

बड़े भाई ने छोटे को तलवार से काटा, इलाज के दौरान मौत

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बरवाअड्डा के बिराजपुर में संपत्ति विवाद में बड़े भाई संतोष कुमार महतो ने छोटे प्रेम राम महतो उर्फ पिंटू के पेट में तलवार से हमला कर दिया। उसने भाई के पेट, गर्दन और सर पर कई वार किया। तलवार से जख्मी भाई मौके पर गिर पड़ा। इस दौरान छोटे भाई की सास अपने दामाद को बचाने आई तो उसे भी जख्मी कर दिया। इसके बाद बड़ा भाई खुद घर में फांसी के फंदे में लटक गया, लेकिन रस्सी टूट जाने से वह जमीन पर गिर गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को पीएमसीएच पहुंचाया, जहां छोटे भाई ने दम तोड़ दिया। वहीं बड़े की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। बड़े भाई के बारे में कहा जा रहा है कि वह इससे पहले संपत्ति विवाद में ही चचेरे भाई का हत्या और चाचा का हाथ काट चुका है। कोर्ट से सजायाफ्ता है, लेकिन फिलहाल जमानत पर है। मृतक की प|ी लक्ष्मी देवी के बयान पर पुलिस ने संतोष महतो, उसकी प|ी होलिका देवी, देवर मोतीराम महतो, उसकी प|ी बीना देवी एवं ननद अघनी देवी पर मारपीट एवं हत्या का मामला दर्ज कराया है।

खुद भी किया आत्महत्या का प्रयास
पीएमसीएच में इलाजरत हत्या का आरोपी संतोष महतो।

बहन के साथ घर बंटवारे को लेकर उग्र हो गया संतोष महतो: शुक्रवार सुबह संतोष बहन के साथ घर बंटवारे को लेकर उलझ गया। विवाद बढ़ने पर उग्र संतोष घर के अंदर से तलवार लेकर निकला। बाहर निकलते ही मझले भाई प्रेम राम से विवाद हो गया। प्रेम कुछ समझ पाता उससे पहले ही संतोष तलवार से हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। प्रेम की सास चिंता देवी दामाद को बचाने दौड़ीं तो उसे भी तलवार से मार कर जख्मी कर दिया।

पुलिस ने बचाई संतोष की जान: सूचना मिलते ही बरवाअड्डा थाना प्रभारी दिनेश कुमार पहुंचे। उन्हें बताया गया कि संतोष हथियार के साथ छत पर है। थाना प्रभारी घर के पर चढ़े तो देखा कि संतोष जमीन पर औंधे मुंह गिरा हुआ है। वह खुदकुशी की नियत से फंदे पर झूल गया था पर रस्सी टूट जाने के कारण गिरा पड़ा। पुलिस ने उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया। संतोष तीन भाईयों के साथ पहले तेलमच्चो में रहता था। तेलमच्चो की संपत्ति बेच कर दो वर्ष पूर्व बिराजपुर में दोनों भाईयों के साथ मिलकर जमीन खरीदा और घर बनवाया था। तीनों हटिया व मेला में दुकान लगाकर अपना जीविकोपार्जन करते थे।

खबरें और भी हैं...