विद्युतीकरण का पोल खड़ा तो हुआ पर नहीं पहुंची अकराही बस्ती में बिजली
2019 तक सभी गांवों में विद्युतीकरण कर बिजली पहुंचाने का राज्य सरकार दावा कर रही है, जिसे लेकर लगातार सभी सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में काम भी चल रहा है। परंतु, सरकार का यह दावा बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय के अकराही बस्ती में फेल होता दिख रहा है। आजादी के बाद भी अब तक इस बस्ती में बिजली नहीं पहुंची है।
लगभग 50 घरों की आबादी वाले बस्ती में लोग आज भी लालटेन, ढिबरी व सोलर लाइट के सहारे रहने को विवश हैं। प्रखंड मुख्यालय का हिस्सा होने के बाद भी बिजली का अब तक नहीं पहुंचना विभाग के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता को दर्शाता है। पिछले वर्ष मनिका विधायक हरिकृष्ण सिंह ने अकराही बस्ती के ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी थी। उस समय विधायक ने विभाग से पत्राचार कर दीपावली तक विद्युतीकरण कराकर गांव में बिजली लाने का दावा किया था, परंतु लोगों की दीपावली अंधेरे में ही बीत गई।
दीपावली के बाद करीब छह माह बीत गए, परंतु आज तक इस गांव की स्थिति यथावत है। पूरे प्रखंड में विद्युतीकरण का काम कर रही कंपनी ने सिर्फ बिजली के कुछ पोल लगाकर विभाग द्वारा सामग्री की आपूर्ति नहीं किए जाने का हवाला देकर काम बीच में ही बंद कर दिया। बहरहाल, बिजली के बिना तपती गर्मी में गांव के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। ग्रामीणों ने उपायुक्त राजीव कुमार से इस दिशा में शीघ्र पहल करने की मांग की है।
मनिका विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरिकृष्ण सिंह ने कहा कि अकराही बस्ती में अब तक बिजली नहीं पहुंच पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं जल्द से जल्द विद्युतीकरण कराने का प्रयास कर रहा हूं।
पूर्व राजद विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान विधायक और उनकी सरकार सिर्फ खोखले वादे और दावे कर रहे हैं, जिसके कारण जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है।
विजली विभाग के जेई एसके मुर्मू ने कहा कि संवेदक को सामान नहीं मिला था, जिसके कारण काम नहीं हो पाया है। बहुत जल्द काम शुरू कराकर उसे पूरा किया जाएगा।