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कैदी का हथकड़ी लगाकर किया जा रहा है इलाज

3 वर्ष पहले
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अनुमंडलीय अस्पताल में हथकड़ी के साथ इलाजरत कैदी ,साथ में पुलिस जवान।

भास्कर न्यूज | बसंतपुर

अनुमंडल अस्पताल वीरपुर में पिछले चार दिनों से उपकारा वीरपुर के 56 वर्षीय कैदी का इलाज हथकड़ी पहनाकर किया जा रहा है। 25 साल पूर्व मारपीट के एक मामले में 2 अप्रैल से वीरपुर जेल में बंद कैदी तेज नारायण यादव को जेल प्रशासन ने सुगर बढ़ जाने पर अनुमंडल अस्पताल वीरपुर में भर्ती कराया था। अस्पताल में इलाज के लिए अगल कैदी वार्ड उपलव्ध नहीं होने के कारण कैदी को सामान्य वार्ड में ही भर्ती किया गया। भर्ती होने के बाद भी सुरक्षाकर्मियों ने कैदी के हाथ में लगी हथकड़ी नहीं खोली। हथकड़ी लगी हालत में ही उसका इलाज कराया जा रहा है।

उधर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. कुमार वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि कैदी की हालत में मामूली सुधार हुआ है। शनिवार की शाम तक कैदी को अस्पताल से छुट्टी मिल जाने की उम्मीद है। लेकिन उसे लगातार डॉक्टर की निगरानी में इलाज की आवश्यकता है। कैदी के परिजनों ने बताया कि हथकड़ी लगे रहने के कारण उसे खाने और शौच जाने में भी परेशानी हो रही है। वीरपुर व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता सुबोध कुमार ने बताया कि कानून के मुताबिक इलाज के दौरान किसी कैदी को हथकड़ी लगाना अमानवीय व्यवहार है। यह मानवाधिकार का भी उल्लंघन है। मानवाधिकार कार्यकर्ता बबलू पूर्वे ने बताया कि हथकड़ी लगाकर कैदी का इलाज मानवाधिकार का गला घोंटना है।

हथकड़ी लगाना मजबूरी है

इलाज के दौरान हथकड़ी खोल देने पर कैदी भाग खड़े होते हैं। इसीलिए हथकड़ी लगाना मेरी मजबूरी हो जाती है। -सोहन कुमार, जेलर, वीरपुर

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