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स्कूल को 4 वर्ष पूर्व किया प्लस टू में अपग्रेड, शरू नहीं हो सकी पढ़ाई

3 वर्ष पहले
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राज्य सरकार की ओर से समाज सुधार की दिशा जोर-शोर से कवायद चल रही है। लेकिन समाज में शिक्षा की रोशनी फैलाने की दिशा में कोई ठोस पहल होती दिखाई नहीं दे रही है। कहते हैं शिक्षा की रोशनी से हर बुराई का अंत संभव है। बावजूद विभागीय अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। इसका ताजा उदाहरण बसंतपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत भगवानपुर पंचायत के उत्क्रमित माध्यमिक प्लस टू विद्यालय समदा है। जो कहने को तो प्लस टू माध्यमिक विद्यालय है लेकिन बीते चार वर्षों से केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा है। वर्ष 2014 से एक ही शिक्षक विद्यालय में पदस्थापित है। जिससे स्कूल में पढ़ रहे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बेमानी लग रही है। इससे छात्रों एवं ग्रामीणों में विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है।

प्लस टू विद्यालय बनने के 4 वर्ष बाद भी नहीं हो रही इंटर की पढाई : छात्रों के अभिभावक कृष्णमोहन मेहता, संजय यादव, रामदेव शर्मा, गुरूप्रसाद दास, शिव नारायण राम ने कहा कि बसंतपुर प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय समदा प्लस टू में 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी केवल एक ही शिक्षक हैं। विद्यालय को प्लस टू का दर्जा मिले 4 वर्ष बीत गए हैं लेकिन अब तक इंटर की पढाई संसाधनों के अभाव में शुरू नहीं हुई है। विद्यालय में नवमी कक्षा में 83 छात्र और दसवीं कक्षा में 117 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इस तरह कुल 200 छात्र नामांकित हैं। इस विद्यालय में पठन-पाठन की व्यवस्था काफी बदहाल है। इसको लेकर छात्रों ने बताया कि एक ही शिक्षक हैं, जो केवल कार्यालयी काम में लगे रह जाते हैं। विभाग की ओर से छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

फर्श पर बैठ कर पढते स्कूली बच्चे ।

पूराने भवन में हो रहा कक्षा का संचालन

छात्र राहुल कुमार, दिलखुश कुमार, जितेन्द्र कुमार, मुन्नी कुमारी, नीतू कुमारी सहित अन्य ने कहा कि इस विद्यालय का भवन भी बन कर तैयार है। लेकिन अभी तक भवन स्कूल को हैंडओवर नहीं किया गया है। दूसरी तरफ छात्रों के बैठने की भी कोई व्यवस्था नहींं है। भवन के अभाव में बीते चार वर्षों से प्लस टू विद्यालय मध्य विद्यालय के भवन में संचालित हो रहा है। जबकि भवन 6 माह पूर्व से ही बन कर तैयार है। जो विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण हैंडओवर नही किया जा रहा है। इसका भी खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। विद्यालय में टूटे-फूटे फर्श पर बैठ कर पढाई करनी पड़ती है।

सरकार से सवाल कीजिए

इस बाबत बीईओ विश्वनाथ राय ने कहा कि इस मामले में मुझे कुछ नहीं कहना है। इसके लिए सरकार से सवाल कीजिए।

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