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बस्सी रीको एरिया : प्लाईवुड फैक्ट्री में रात 11:30 बजे लगी आग, सुबह 5 बजे हुई काबू, 12 दमकलों ने 50 फेरे लगाए
करीब पांच घंटे से ज्यादा समय तक लगी आग में फैक्ट्री में तैयार प्लाई, बोर्ड सहित दो मोटरसाइकिल, एक स्कूटर, एक बडी मशीन, चार छोटी मशीनें, जरूरी कागजात आदि सामान जलकर राख हो गए। साथ ही आग की तपन से फैक्ट्री में लगी टीन शैड एवं दीवारें तक क्षतिग्रस्त हो गए। देर तक आग लगी रहने के कारण टीन शैड को थामे रखे लोहे पाइप भी मुड़ गए। आग लगने की खबर के बाद आसपास रहने वालों की भीड़ जमा हाे गई। लोगों ने भी आग बुझाने में दमकल कर्मियों की मदद की। मौके पर आए अधिकारी आग लगने के कारणों का पता लगाते रहे, लेकिन सुबह तक वजह का पता नहीं लगा।
कारण स्पष्ट नहीं- शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
बस्सी। रीको औद्योगिक क्षेत्र विस्तार स्थित शिव वुड क्राफ्ट में शुक्रवार देर रात लगी आग शनिवार सवेरे 5 बजे तक धधकती रही। आग का प्रकोप इतना तीव्र था कि करीब पांच घंटे तक 12 दमकलें आग बुझाने की कोशिश करती रही। इस दौरान दमकलों के करीब पचास फेरे लगाने पड़े। इसके दौरान सात पानी के टैंकर भी मंगवाए गए। अभी आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मगर संभावना जताई जा रही है कि शॉर्टसर्किट के कारण आग लगी।
जानकारी के अनुसार रीको एरिया स्थित रोण्डया की तलाई में शुक्रवार देर रात करीब 11.30 बजे प्लाईवुड की फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर बस्सी एवं हीरावाला क्षेत्र से दमकलें आग बुझाने पहुंची। मगर आग का प्रकोप देखते हुए बाद में वीकेआई, बनीपार्क, घाटगेट व 22 गोदाम से भी दमकलें मौके पर बुलवाई गई। दमकलकर्मी लालचन्द यादव के अनुसार पांच के घंटे के दौरान दमकलों के करीब पचास फेरे लगाए गए। पांच घंटे तक चले राहत कार्य के बाद सवेरे करीब 5 बजे आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान सात पानी के टैंकर भी मंगवाए गए। इस दौरान एसीपी बस्सी पुष्पेंद्रसिंह, थाना इंचार्ज वीरेंद्रसिंह, चीफ फायर ऑफिसर जलज घसिया सहित पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात रहा।
धुआं उठते ही दी थी सूचना
हमने मालिक से पूछा था जाकर आग बुझा दें लेबर
मालिक जब तक पहुंचा, तब तक सबकुछ जल चुका था फैक्ट्री संचालक कमलेश जांगिड़ के अनुसार उनके पास रात करीब 11 बजे लेबर का फोन आया कि फैक्ट्री के कोने से धुआं सा उठ रहा है। लेबर ने मुझसे पूछा भी था कि क्या वो लोग जाकर देखे और आग बुझाने की कोशिश करे। मगर किसी आशंका के चलते मैंने ही उन्हें मना कर दिया। जब तक मैं अपने पिता रामबाबू जांगिड़ और परिजनों के साथ मौके पर पहुंचा, तब तक सब जलकर राख हो चुका था। कमलेश के अनुसार इस परिसर का उपयोग को तैयार माल को रखने के लिए करते थे। यहां काफी मात्रा में स्क्रेप भी पड़ा हुआ था।
मालिक ने मना कर दिया
आशंका के चलते मजदूरों को जाने से रोका था संचालक
यहां रखते थे तैयार माल
इस परिसर में तैयार माल ही रखा जाता था, स्क्रैप भी था
बाइक, स्कूटर व चार मशीनें जलकर राख