महिलाओं ने वट वृक्ष को पूजा, अखंड सुहाग की कामना
बस्सी. वट सावित्री की मंगलवार को पूजन करती महिलाएं
बरसात से पहले इंद्रदेव की अर्चना की मान्यता
बस्सी/बांसखो| जेठ माह की अमावस्या पर मंगलवार को सुहागिन महिलाओं ने वटवृक्ष की पूजा और अखंड सुहाग की रक्षा की कामना की।
पुष्पा ठाकुरिया के अनुसार बरसात से पहले इंद्र पूजा की मान्यता है। महिलाओं ने भोर से ही सजधज कर वट वृक्ष की पूजा शुरू कर दी। वट वृक्ष की परिक्रमा कर उसमें धागे बांधे और अखंड सुहाग की कामना की। वट वृक्ष की पूजाकर इन्द्रदेव से वर्षा की प्रार्थना की। पूजन के लिए आई उमा बेवाल, रूचि खण्डेलवाल, ममता, विमला ठाकुरिया व अल्का सांभरिया ने बताया कि जेठ माह में आने वाली अमावस्या को बरसाती अमावस्या के रूप में मनाया जाता है।
अमावस्या पर सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष की छाया में जाकर पेड़ की पूजा की व उसके नीचे बैठकर हाथों में मेहंदी लगाई और मोली के डोरे व वृक्ष के पत्तों को गहनों के रूप पहनकर श्रृंगार किया। बड़ सावत्री व गणेशजी कहानी सुनकर पति की दीर्घायु की कामना के साथ पतासा व घुघरी आदि का भोग लगाया।