नक्सली समस्या दूर करने नवाचार पर काम करें बच्चे तो बड़ा फर्क आएगा: सीएम
छोटी-छोटी चीजें दुनिया बदल सकती है, नया भविष्य गढ़ सकती है। प्रदेश के बच्चों में उस बदलाव की अपार संभावनाएं छिपी है। बस्तर में अगर नक्सली समस्या है, तो उससे निपटने के लिए कैसे काम किया जा सकता है, कैसे मानिटरिंग बढ़ायी जा सकती है, ड्रोन का कैसे इस्तेमाल हो सकता है, बिना आवाज के कैसे ड्रोन जंगल के बीच जा सकता है। इन सब पर काम होता है, तो एक बड़ा फर्क आयेगा।
मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने वाणिज्य और उद्योग विभाग के नवाचार सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग नवाचार के माध्यम से यंग टैलेंट की सोच और सुझाव को आगे लाने का ये प्रयास किया। जिसमें अलग-अलग सेक्टर में दिलचस्पी रखने वाले युवा अपनी सोच के जरिये बदलाव और नयी क्रांति की शुरुआत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि अभी जब मैं इन बच्चों से मिल रहा था तो उनमें कृषि के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। कोई एजुकेशन, हेल्थ और जैविक खेती पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने समाज देश और प्रदेश में नयी सोच से बदलाव की तारीफ करते हुए कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में कैसे काम हो सकता है, कैसे हम बिजली बचा सकते हैं, आवश्यकता ना होने पर कैसे बिजली बंद हो सकती है स्ट्रीट लाइट की।ये छोटे-छोटे चीजें दुनिया बदल सकती है रायपुर में नवाचार कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों में नयी सोच के साथ काम करने वाले कई बच्चे शामिल हुए। ये वो बच्चे हैं, जिन्होंने अपनी सोच और शुरुआत से ना सिर्फ बदलाव लाया है,बल्कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए बदलाव की भी नयी शुरुआत की है। डा.सिंह ने इस अवसर पर मोबाइल एप्लीकेशन डेव्हलपमेंट सेंटर रायपुर की 36 इंक के साथ पाटर्नरशिप का शुभारंभ किया।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि स्टार्ट-अप के लिए प्रदेश के सभी जिलों से चार हजार आवेदन बूट कैम्प में मिले थे। वर्तमान में 90 स्टार्ट-अप का पंजीयन किया गया है। राज्य में वर्तमान में पांच स्टार्ट अप 300 लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। आज प्रारंभ हुए इंक्यूबेशन सेंटर से युवा उद्यमियों को बेहतर अवसर मिलेंगे। मुख्य सचिव अजय सिंह ने कहा कि किफायती नवाचार के माध्यम से कम संसाधनों से अधिक लाभ वाले स्थाई उद्यम विकसित किए जा सकते हैं। सूचना और प्रौद्योगिक विभाग के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह ने कहा कि निजी क्षेत्र और शासकीय क्षेत्र में यदि नवाचार नहीं करते हैं तो लम्बे समय तक स्थायित्व मिलना संभव नहीं है। नवाचार के माध्यम से नई-नई परिस्थितियों के लिए स्वयं को तैयार रखना जरूरी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में किए गए नवाचारों का उदाहरण भी दिया।
उद्योग सचिव कमलप्रीत सिंह ने नवाचार को बढ़ते छत्तीसगढ़ का मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास के बढ़ते कदम को अगर नयी सोच का साथ मिला, तो छत्तीसगढ़ में और भी तेजी के साथ बेहतर विकास हो सकता है।
छोटी चीजें बदल देती हैं हमारी दुनिया-सीएम