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बीएसपी को मिलेगा आयरन ओर, भानुप्रतापपुर व आसपास के इलाके को इमली, अमचूर और लकड़ी से मिलेगी उड़ान

3 वर्ष पहले
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भानुप्रतापपुर से ट्रेन की शुरुआत होने का सीधा असर वस्तुओं के दाम पर पड़ेगा। इन दिनों वहां मिलने वाले अमचूर, इमली, लाख और धान की कीमत दुर्ग में इन्हीं वस्तुओं के दाम में 30 से 40 रुपए का अंतर आता है। दाम में कीमत के अंतर का मुख्य कारण है अभी तक सामान ढोने का मुख्य साधन सड़क मार्ग ही है। ट्रेन में रैक की तुलना में इसके काम तीन से चार गुना अधिक है। इसी वजह से वस्तुओं के दाम में अंतर मिलता है।

मसाला और फर्नीचर से संबंधित कारोबारियों का कहना है कि सड़क मार्ग से सामान मंगाने में हमारे हजारों रुपए खर्च होते हैं। वहीं ट्रेन में रैक बुक होने से इसकी कीमत बहुत कम हो जाती है। इसका सीधा असर सामान के दाम पर पड़ेगा। मसाला के थोक व्यापारी चैनसुख बुरड़ ने बताया कि वस्तुएं सस्ती होंगी। खासकर भानुप्रतापपुर, कांकेर, अंतागढ़ और बस्तर से लाई जाने वाली वस्तुओं के दाम में काफी अंतर रहेगा।

जानिए बीएसपी को कैसे मिलेगा फायदा
दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना भारतीय रेलवे की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है । इसके प्रथम चरण में दल्लीराजहरा से रावघाट के बीच 95 किलोमीटर रेलवे लाइन और द्वितीय चरण में रावघाट से जगदलपुर के मध्य 140 किलोमीटर रेलवे लाइन बिछाई जा रही है। वर्तमान में भिलाई स्टील प्लांट को स्टील बनाने के लिए लौह अयस्क की आपूर्ति दल्लीराजहरा की खदानों से की जाती है। यहां लौह अयस्क कम होने लगा है। भविष्य में बीएसपी को ओर की आपूर्ति रावघाट से की जाएगी।

जो फर्नीचर 8 हजार में मिल रहा, वो दुर्ग में 12000 में

वस्तु भानुप्रतापपुर दुर्ग अंतर

इमली 60 85 25

अमचूर 110 140 30

लाख 85 115 30

फर्नीचर 8000 12000 4000

दरवाजे मजबूत मिलते हैं: साल और सागौन के लकड़ी मिलते हैं। फर्नीचर और दरवाजे, खिड़कियां मजबूत बनती हैं। कारीगर पूरे राज्य में दरवाजे व फर्नीचर बनाकर सप्लाई करते हैं। ट्रेन सेवा से लोगों को सीधा सामान मिल सकेगा।

किसानों को कोचियों से मिलेगी मुक्ति: वनोपज की पैदावार लेने वाले किसानों और ग्रामीणों को कोचियों से मुक्ति मिल सकती है। अपना सामान सीधे बड़े शहरों में बेच सकेंगे। उन्हें पैदावार के दाम सीधे मिल सकेंगे और लोगों को सस्ती दरों पर सामान मिल सकेगा।

बस की तुलना में यात्रा सस्ती: दुर्ग से भानुप्रतापपुर की दूरी 117 किलोमीटर है। बस में किराया 110 रु. है। ट्रेन में किराया रायपुर से 35 रु., चरोदा और दुर्ग से 30 रु. और मरोदा से 25 रु. हैं। ट्रेन की यात्रा बस की तुलना में तीन गुना सस्ता होगा।

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