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मोदी : पिछड़े जिले का लेबल हटाने आया हूं संदेश : चुनाव करीब, आदिवासियों को साधा

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | जगदलपुर/बीजापुर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजापुर के जांगला में शनिवार को एक सभा को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि वे बीजापुर ही क्यों आए हैं। उन्होंने कहा मैं आज इसलिए आया हूं, ताकि आपको बता सकूं, कि जिनके नाम के साथ पिछड़ा जिला होने का लेबल लगा दिया गया है, उनमें अब नए सिरे से, नई सोच के साथ बड़े पैमाने पर काम होने जा रहा है। बचपन में मेरे स्कूल में टीचर कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देते थे, ऐसे ही इन पिछड़े जिलों पर भी अलग से ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा बीजापुर से पिछ़ड़े जिले का ठप्पा हटाने आया हूं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चुनाव करीब हैं इसलिए आदिवासियों को साधने की पूरजोर कोशिश का ये भाजपा का पहला चरण है। आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत बीजापुर से करना और आने वाले िदनों में हवाई सेवा शुरू करने का वादा कर प्रधानमंत्री का यह कहना कि आने वाले िदनों में विकास का सूरज पूर्व दिशा से नहीं दक्षिण (बस्तर) से निकलेगा, इसी बात के संकेत हैं।

हल्बी से भाषण शुरू कर बस्तरिया का दिल जीतने की कोशिश

उन्होंने सभा में संबोधन की शुरूआत दोपहर 1 बजकर 40 मिनट के करीब की। सभा शुरू करते हुए उन्होंने कहा कि मैं बाबा साहेब अंबेडकर कहूंगा आप लोग दो बार अमर रहें अमर रहें कहेंगे। बाबा साहेब के अमर रहें के नारे के बाद उन्होंने हल्बी में बोलना शुरू किया। उन्होंने कहा बस्तर अउर बीजापुर चो आराध्य देवी मां दंतेश्वरी, भैरमगढ़ चो बाबा भैरमदेव , बीजापुर चो चिकटराज और कोदाई माता, भाेपालपट्टनम चो भद्रकाली के खूबे खूब जोहार। सियान सजन दादा दीदी मनके जोहार। लेका लेकी पढ़तो लिखताे नोनी बाबू मनके खूबे खूबे मया। इसका मतलब यह कि बस्तर के आराध्य देवी और देवताओं को प्रणाम और बुजुर्ग, दीदी, लड़के-लड़कियों और छात्र-छात्राओं को प्यार। मोदी के इस भाषण के बाद सभा स्थल में मोदी-मोदी गूंजने लगा। इसके बाद उन्होंने आगे के भाषण की शुरुआत की। मोदी के इस भाषण के कई मायने निकाले जा रहे हैं। राजनैतिक विश्लेषक इसे दलितों और आदिवासियों को साधने वाला भाषण बता रहे हैं।

चुनावी स्टंट भी, बस्तर में 12 सीटें इसलिए भी पहुंचे मोदी

छत्तीसगढ़ में आने वाले 6 महीनों के अंदर विधानसभा चुनाव होने हैं। बस्तर की 12 विधानसभा सीटों में अभी भाजपा के पास सिर्फ 4 सीटें हैं। आने वाले चुनाव में कई सर्वे रिपोर्ट में बीजापुर सहित कई विधानसभा सीटों पर भाजपा की स्थिति डांवाडोल बताई गई है। इतना ही नहीं हाल ही में भू-अधिग्रहण बिल से पहले आदिवासी नाराज हुए। इसके बाद एसटीएसी एक्ट में बदलाव वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले में भी भाजपा निशाने पर आई और बस्तर में दलितों व आदिवासियों ने विरोध के नाम पर ताकत दिखाई। ऐसे में भाजपा ने पीएम का कार्यक्रम करवाकर पूरे बस्तर के दलितों और आदिवासियों को साधने की कोशिश भी की गई।

प्रधानमंत्री ने वेलनेस सेंटर डायलिसिस यूनिट समेत कई योजनाओं का लोकार्पण किया

बीजापुर पहुंचे पीएम मोदी ने दंतेवाड़ा में खुले देश के पहले रूरल बीपीओ के युवाओं से भी संवाद किया।

जगदलपुर. आदिवासी वृद्धा सामी हाका को हियरिंग मशीन पहनाते पीएम।

मोदी के बस्तर प्रवास की खास बातें
पार्किंग के लिए बने अलग-अलग जोन
बीजापुर व गीदम के रास्ते आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग के अलग-अलग जोन बनाए गए थे, जिनमें वीवीआईपी, मीडिया, राजनीतिक दलों और आम लोगों के लिए गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था की थी।

चप्पे-चप्पे पर फोर्स : बास्तानार घाट से लेकर कार्यक्रम स्थल जांगला और बीजापुर तक चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात थी। गीदम के आगे जगह-जगह बैरियर पर जांच और वाहनों की एंट्री के बाद ही बढ़ने दिया गया।

जिपं अध्यक्ष को रोका, क्षेत्र की जनता का अपमानः जमुना
जिला पंचायत अध्यक्ष जमुना संकनी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में उन्हें जाने से मना कर सरकार ने क्षेत्र की जनता का अपमान किया है। संकनी ने बताया कि उन्हें हेलीपैड में प्रवेश का पास जारी किया गया था। जब वे जांगला में हेलीपैड में प्रवेश करने लगीं तो उन्हें रोक दिया गया। सभा स्थल के लिए उनका पास ही जारी नहीं किया गया था और इस वजह से सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। ऐसा कर न केवल राज्य सरकार ने उनका अपमान किया है बल्कि जांगला क्षेत्र की जनता का भी अपमान किया है। उनका कहना है कि इस घटनाक्रम से वे आहत हैं। वे इस क्षेत्र से दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं और अभी अध्यक्ष हैं। सरकारी कार्यक्रम में चुने गए जनप्रतिनिधि की उपेक्षा कतई उचित नहीं है।

मोबाइल, बैग की स्कैनिंग भी
कार्यक्रम स्थल में प्रवेश के लिए आम जनों को माेबाइल, गुटका, गमछा तक ले जाने की मनाही थी। वहीं वीवीआईपी और मीडिया के लिए मोबाइल ले जाने की अनुमति तो दी गई थी, लेकिन एयरपोर्ट की तर्ज पर मोबाइल, कैमरा बैग व अन्य गैजेट को खास किस्म के स्कैनर से गुजारना अनिवार्य किया गया था।

हाईवे पर 4 दिन में बना दिया बायपास मार्ग : कार्यक्रम स्थल जांगला हाईवे पर स्थित होने की वजह से मुख्य मार्ग का यातायात बाधित होने से बचाने के लिए 4 दिनों के भीतर अस्थायी बायपास मार्ग तैयार कर दिया गया था। कार्यक्रम के दिन पुलिस ने आम यातायात इसी बायपास पर डायवर्ट किया था।

तीन हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल : वायुसेना के विशेष विमान से जगदलपुर तक आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम स्थल तक वायुसेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर से पहुंचे। कार्यक्रम स्थल के नजदीकी बने 3 हेलीपैड पर वायुसेना के तीन हेलिकॉप्टरों ने एक साथ लैँडिंग की और वापसी में एक साथ टेकऑफ भी किया।

जगदलपुर. पूरे कार्यक्रम के दौरान जांगला इलाके में हवाई गश्त करते रहे वायुसेना के हेलिकॉप्टर।

सभा स्थल पर आधार कार्ड के बगैर पहुंचे लोग लौटाए गए
कार्यक्रम स्थल में जुटाई गई भीड़ के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया था। जो अपने साथ आधार कार्ड लेकर नहीं आए थे, उन्हें बैरंग लौटा दिया गया। आम जन को चप्पल व गमछा लेकर जाने की मनाही के चलते अधिकांश लोग गेट से ही लौट गए।

मोदी के भाषण के दौरान ऊंघते रहे कौशिक : प्रधानमंत्री मोदी का धाराप्रवाह भाषण घंटे भर चला। इस दौरान मंच पर बैठे मंत्री धरमलाल कौशिक देर तक ऊंघते रहे।

जगदलपुर. बीजापुर जिले के जांगला में संबोधित कर देश के विकास के लिए लोगों का आह्वान करते पीएम मोदी।

40 मिनट पहले पहुंचे 59 मिनट दिया भाषण
पीएम मोदी अपने निर्धारित कार्यक्रम से आधे घंटे पहले ही बस्तर पहुंच गए, सुबह 11.30 बजे जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंचना था लेकिन वे 10.50 बजे ही आ गए

10.50 बजे जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंचे

11. 00 बजे जांगला के लिए उड़ान भरी

11.45 बजे जांगला पहुंचे।

11.55 जांगला विकास केंद्र का उदघाटन किया।

12.00 बजे आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया। इसके बाद एक घंटे रूके, कई योजनाओं का शुभारंभ किया

1.25 बजे सभा स्थल पहुंचे।

1.38 मिनट पर भानुप्रतापपुर दिल्ली राजहरा रेल लाइन को हरी झंडी दिखाई।

1.44 मिनट पर बूढ़ी महिला को कान की मशीन दी, आदिवासी महिला को चप्पल पहनाई।

1.45 बजे से संबोधन शुरू हुआ जो 59 मिनट तक चला।

2.44 को संबोधन खत्म किया और जांगला से निकले।

3.40 को जगदलपुर हवाई पट्‌टी पहुंचे।

3.45 को दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

मनोरंजन करते रहे लोक कलाकार
कार्यक्रम स्थल पर मुख्य मंच के बाजू में बने मंच पर छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच के कलाकार जनसमूह का मनोरंजन करते रहे। बीच-बीच में भाजपा समर्थित नारे भी गायक-गायिकाओं ने लगवाए। इसी मंच पर लगी विशाल स्क्रीन के जरिए प्रधानमंत्री के जगदलपुर एयरपोर्ट और जांगला के अन्य कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के वक्त चल रही गतिविधियों का सीधा प्रसारण करने की व्यवस्था की गई थी। भानुप्रतापपुर में नई रेल लाइन पर ट्रेन शुरू करने की तैयारियों का सीधा प्रसारण भी इसी जगह किया जा रहा था। प्रधानमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर और हरी झंडी दिखाकर ट्रेन का शुभारंभ जांगला से ही कर दिया।

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