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प्रधानमंत्री के भाषण में इमली... इस साल बस्तर इससे 4 अरब से ज्यादा कमाएगा
इस साल इमली से बस्तर में 4 अरब से ज्यादा का कारोबार होगा। 22 रुपए सरकारी समर्थन मूल्य है इमली का, पूर्व में व्यापारी 6-7 रुपए प्रति किलो की दर पर इमली लेकर संग्राहकों का शोषण करते थे।
58000 टन इमली की पैदावार , कांकेर को छोड़ बस्तर के 6 जिलों में होता है। इनमें कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा शामिल हैं। सबसे ज्यादा इमली की पैदावार बस्तर जिले में होती है।
5000 टन इमली देश के तमिलनाडू, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, दिल्ली और कुछ मात्रा उत्तर प्रदेश तक जाती है। विदेशों में इसे मलेशिया, इंडोनेशिया, अफगानिस्तान और खाड़ी के देशों में एक्सपोर्ट किया जाता है।
10 लाख आदिवासियों को रोजगार लोडिंग-अनलोडिंग तक सभी को रोजगार मिलता है।
रेट ऐसे उछले कि खुले बाजार में बिक रही, समितियों में खरीदी बंद
दो साल से इमली के दाम में आए उछाल के बाद सहकारी समितियों ने इमली की खरीदी बंद कर दी क्योंकि समर्थन मूल्य से काफी ज्यादा दर संग्राहकों को खुले बाजार में मिल रहा था।
मोदी बोले- आदिवासी भी समझें ‘वैल्यू एडीशन\\\' का महत्व, बदलेगी जिंदगी
अपने भाषण के दौरान पीएम ने जीवन में वैल्यू एडीशन का जिक्र किया। उन्हाेंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ना है तो खुद को बदलना पड़ेगा। महत्व बताना पड़ेगा। आदिवासियों को इसका मोल समझना जरूरी है। एक उदाहरण से मोदी ने समझाया कि आमतौर पर एक किलो इमली 17-18 रुपए किलो में बिकती है, अगर वैल्यू एडीशन कर इमली से बीच निकाल दिया जाए, उसकी पैकिंग कर दी जाए, तो यही इमली 50-55 रुपए में बिकने लगेगी। मतलब तीन गुना तक मुनाफा।
इमली का बीज, फूल बनाने के क्रम में बचे कचरे को भी बेचा जाता है।