बांस को पेड़ों की श्रेणी से हटाया गया, अब आसान होगा व्यवसाय
बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंडागांव, राजनांदगांव समेत विभिन्न जिलों के लिए 1700 करोड़ की सड़कों का निर्माण।
बस्तर नेट के फेज वन की शुरुआत। इस योजना में बस्तर संभाग के सातों जिलों में 832 किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जानी है।
बांस को पेड़ों की श्रेणी से बाहर करने की बात बताई। कहा-केंद्र के इस फैसले से अब बांस का व्यवसाय, खेती अासान होगी। अभी तक पेड़ की श्रेणी में होने से काटने-व्यवसाय में वन कानून आड़े आता था।
खनन से जुड़े पुराने कानून में बदलाव। अब निकाले जाने वाले खनिज का एक हिस्सा स्थानीय हितों पर खर्च होगा। इससे राज्य को करीब 3 हजार करोड़ की अतिरिक्त आय।
ऐसे हर ब्लॉक जहां आदिवासियों की आबादी 50 हजार या अधिक है, वहां 2022 तक आवासीय विद्यालय।
स्वतंत्रता संग्राम में महती भूमिका निभाने वाले आदिवासी समुदाय के सेनानियों की याद में संग्रहालय ताकि पीढ़ियां उनका संघर्ष याद रखें।
60% राशि पीएम खनिज कल्याण योजना के तहत शिक्षा, महिला कल्याण पर खर्च होगी